डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रीशन डाइटिशियन एवं चाइल्ड केयर मास्टर्स डिग्री इन फूड न्यूट्रिशन एंड डाइटिशियन होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेंड योगा टीचर नॉमिनेटेड फॉर पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार और पंजाब सरकार द्वारा सम्मानित और हिमाचल सरकार द्वारा सम्मानित और लेफ्टिनेंट गवर्नर लद्दाख श्री कविंदर गुप्ता जी द्वारा सम्मानित ने बताया कि मानसिक तनाव के कारण शरीर में हार्मोनल चेंज होते हैं और कुछ लोगों में सूजन भी हो जाती है. यह कैंसर का खतरा बढ़ाते हैं. जब मानसिक तनाव दूसरे रिस्क फैक्टर के साथ हो तो कैंसर होने का रिस्क रहता है. यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि मानसिक तनाव लेने वाले व्यक्ति का लाइफस्टाइल और खानपान कैसा है. अगर यह बिगड़ा हुआ है तो फिर कैंसर होने की आशंका अधिक रहती है।बीते कुछ सालों में लोगों में मानसिक तनाव काफी बढ़ा है. इससे कई दूसरी बीमारियां भी हो रही हैं. लंबे समय तक मानसिक तनाव में रहना कैंसर के रिस्क को भी बढ़ा सकता है. यहां तक की मानसिक तनाव से डीएनए में चेंज होने का भी रिस्क होता है.कमजोर इम्यूनिटी: तनाव कोर्टिसोल (cortisol) जैसे हार्मोन का स्राव बढ़ाता है, जो शरीर की प्राकृतिक कैंसर-रोधी कोशिकाओं की गतिविधि को कम कर सकते हैं。DNA क्षति: लंबे समय का तनाव शरीर में सूजन बढ़ाता है, जो कोशिकीय स्तर पर बदलाव कर सकता है。अनहेल्दी आदतें: तनाव में लोग अक्सर धूम्रपान, शराब, या खराब जीवनशैली अपनाते हैं, जो कैंसर के ज्ञात कारक हैं。
ओम महारुद्र नवयुवक सेवा दल द्वारा नेपाल बाढ़ पीड़ितों की आत्मशांति और राहत के लिए PGI चंडीगढ़ के बाहर लंगर का आयोजन
चंडीगढ़ (तानिया रोहिल्ला)। नेपाल में आई भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वाले लोगों की आत्मशांति तथा प्रभावितों की सहायता के उद्देश्य से ‘ओम महारुद्र नवयुवक सेवा दल’…







