पांचवा आयाम ( जसबीर/सच कीरत सिंह) अयोध्या:डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के नवीन परिसर में शुक्रवार सुबह योग की शांत साधना और खेल की ऊर्जा ने स्वस्थ जीवन का संदेश दिया। प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा से संचालित ‘एक घंटा खेल मैदान में’ अभियान के तहत शारीरिक शिक्षा, खेल एवं यौगिक विज्ञान संस्थान में विशेष योग सत्र आयोजित हुआ। सुबह सात बजे शुरू हुए सत्र में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शोधार्थियों और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।मुख्य अतिथि कुलपति कर्नल डॉ. बिजेंद्र सिंह ने कहा कि खेल और योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं, बल्कि समग्र व्यक्तित्व निर्माण की साधना हैं। नियमित योग मन को एकाग्रता, शांति और तनावमुक्ति देता है, जबकि खेल अनुशासन, नेतृत्व और टीम भावना को मजबूत करता है। उन्होंने युवाओं से दिनचर्या में कम से कम एक घंटा खेल और योग के लिए समर्पित करने का आह्वान किया।उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर और संतुलित मन से ही ऊर्जा से भरपूर और संवेदनशील समाज की नींव रखी जा सकती है। विश्वविद्यालय में ऐसे आयोजनों का उद्देश्य विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ स्वस्थ जीवनशैली से जोड़ना है।कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक प्रो. एस.एस. मिश्र ने की। योग प्रशिक्षक गायत्री वर्मा ने प्रतिभागियों को संधिसंचालन अभ्यास के साथ वक्रासन, पश्चिमोत्तानासन, अर्ध उष्ट्रासन, भुजंगासन, शलभासन, मकरासन, उत्तानपादासन, अर्ध हलासन और सेतुबन्धासन का अभ्यास कराया। इसके साथ कपालभाति, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी और उद्गीत प्राणायाम का अभ्यास कराया गया तथा उनके स्वास्थ्य लाभों की जानकारी दी गई।योगाभ्यास के बाद सूर्यध्यान और शांतिपाठ के साथ वातावरण में एकाग्रता और सकारात्मकता का भाव गूंजा। डॉ. अर्जुन सिंह ने कार्यक्रम का संचालन किया। इस अवसर पर प्रो. नीलम पाठक, प्रो. शैलेंद्र कुमार वर्मा, प्रो. सुरेंद्र मिश्र, प्रो. जी.आर. मिश्र, अनुराग सोनी, आलोक तिवारी सहित शिक्षक, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।अवध विश्वविद्यालय का यह आयोजन संदेश दे गया कि योग मन को स्थिरता देता है और खेल जीवन को गति—दोनों का संतुलन ही स्वस्थ, अनुशासित और सशक्त युवा पीढ़ी की आधारशिला है।






