खाकी से परे मानवता की पहचान: ‘खाकी वाले गुरुजी’ रणजीत यादव को मिलेगा नेशनल सोशल इंपैक्ट अवार्ड

पुलिस की वर्दी में कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाने वाला एक अधिकारी जब ड्यूटी के बाद वंचित बच्चों के भविष्य को संवारने का संकल्प लेता है, तो वह केवल एक पुलिसकर्मी नहीं, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा बन जाता है। जनपद अयोध्या के पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में नियुक्त सब इंस्पेक्टर रणजीत यादव, जिन्हें लोग स्नेहपूर्वक “खाकी वाले गुरुजी” के नाम से जानते हैं, को सामाजिक सेवा, रक्तदान जागरूकता और शिक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए 28 जून 2026 को लखनऊ स्थित बाबा साहब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में आयोजित ‘संवेदना-2’ समारोह में नेशनल सोशल इंपैक्ट अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा।यह सम्मान इंटरनेशनल ब्लड डोनेशन अवेयरनेस कैंपेन के अंतर्गत निफा संस्था, उत्तर प्रदेश द्वारा प्रदान किया जाएगा। संस्था के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप कुमार दुबे ने रणजीत यादव को इस प्रतिष्ठित सम्मान समारोह में आमंत्रित किया है। यह सम्मान समाज के प्रति उनके समर्पण, सेवा और संवेदनशील सोच का राष्ट्रीय स्तर पर अभिनंदन माना जा रहा है।अब तक 17 बार स्वैच्छिक रक्तदान कर चुके रणजीत यादव रक्तदान के प्रति लोगों को निरंतर जागरूक करते रहे हैं। वहीं, नवंबर 2021 से उन्होंने अयोध्या के जयसिंहपुर वार्ड की मलिन बस्ती में गरीब, असहाय एवं भिक्षावृत्ति से जुड़े बच्चों के लिए निःशुल्क शिक्षा का अभियान शुरू किया। आज भी वे खुले आसमान के नीचे पेड़ की छांव में 70 बच्चों को नियमित रूप से पढ़ाते हैं।उन्होंने अपनी इस अनूठी पहल को “अपना स्कूल” नाम दिया है। शिक्षा के साथ-साथ बच्चों को कॉपी, किताबें, पेन, पेंसिल, बैग, वस्त्र, चप्पल और अन्य आवश्यक सामग्री भी जनसहयोग से उपलब्ध कराते हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने अभिभावकों को प्रेरित कर 35 बच्चों का नजदीकी सरकारी विद्यालयों में प्रवेश भी कराया, जहां वे नियमित शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।व्यस्त पुलिस ड्यूटी के बीच समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े बच्चों के जीवन में शिक्षा का उजाला पहुंचाने का उनका यह अभियान लगातार प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है। इसी सेवा-भाव और मानवीय संवेदनाओं के कारण अयोध्या की जनता ने उन्हें स्नेहपूर्वक “खाकी वाले गुरुजी” का नाम दिया है।लखनऊ में मिलने वाला नेशनल सोशल इंपैक्ट अवार्ड न केवल रणजीत यादव के अथक प्रयासों का सम्मान है, बल्कि यह संदेश भी है कि यदि सेवा का संकल्प सच्चा हो तो वर्दी केवल कानून की नहीं, बल्कि मानवता की भी सबसे मजबूत पहचान बन जाती है।

⚡ SHARE THIS POST
  • Related Posts

    साइबर ठगी के 2.27 लाख रुपये लौटाए, चार पीड़ितों को राहत—अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण

    पांचवा आयाम ( जसबीर/ सच कीरत सिंह) अयोध्या:साइबर ठगी के मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए अयोध्या साइबर क्राइम थाना पुलिस ने चार शिकायतों में फंसी 2,27,251 रुपये की धनराशि…

    भाजपा नेता नरेश अरोड़ा ने करवाया समस्याओं का समाधान

    पांचवा आयाम (राकेश मिश्रा):चंडीगढ़। सेक्टर-20 मार्केट एसोसिएशन के सहयोग से आयोजित पुलिस-पब्लिक बैठक में मार्केट के दुकानदारों की सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था से जुड़े विषयों पर सार्थक चर्चा हुई।बैठक में डीएसपी…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *