पांचवा आयाम ( जसबीर/सच कीरत) अयोध्या:जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को लक्ष्य आधारित कार्यप्रणाली अपनाने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेंद्र भिटौरिया सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।टीकाकरण में छूटे बच्चों की होगी पहचाननियमित टीकाकरण की समीक्षा में डीएम ने 0 से 2 वर्ष तक के सभी बच्चों की अद्यतन सूची समय से तैयार करने और टीकाकरण से वंचित बच्चों का चिन्हांकन कर उन्हें निर्धारित समय पर टीके लगवाने के निर्देश दिए। जीरो डोज बच्चों पर विशेष फोकस करने को कहा गया। खंडासा, हैरिंग्टनगंज और तारुन अर्बन में ऐसे बच्चों की संख्या अधिक मिलने पर विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।आशाओं की क्लस्टर बैठकों में शत-प्रतिशत सहभागिता सुनिश्चित करने तथा नियमित रूप से बैठक में शामिल न होने वाली आशाओं के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। डीआरआर/बीआरआर बैठकों को समय से कराने और एचपीवी टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाने को कहा गया। रुदौली समेत कम उपलब्धि वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।टीबी मुक्त अयोध्या के लिए अभियान होगा तेज100 दिवसीय टीबी खोजी अभियान के तहत वल्नरेबल आबादी में चिन्हित एक्टिव टीबी मरीजों का तत्काल उपचार शुरू कराने पर जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने जनपद को क्षय रोग मुक्त बनाने के लिए खोज, जांच और उपचार की पूरी प्रक्रिया को और सघन करने के निर्देश दिए। टीबी मरीजों को निश्चय पोर्टल के माध्यम से डीबीटी का भुगतान समय से कराने को भी कहा गया।मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष जोरराष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की समीक्षा में राजकीय चिकित्सालयों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाओं, सर्जरी की संख्या और उपचार की गुणवत्ता में सुधार के निर्देश दिए गए। जिन एसबीए प्रशिक्षित एएनएम केंद्रों पर प्रसव की संख्या शून्य है, उन्हें सक्रिय करने को कहा गया।
ई-कवच के माध्यम से गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण और एएनसी जांच की नियमित समीक्षा तथा डाटा फीडिंग सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए। हैरिंग्टनगंज, मयाबाजार और मसौधा में संस्थागत प्रसव की प्रगति बढ़ाने को कहा गया।लाभार्थियों के भुगतान में देरी पर चेतावनीजननी सुरक्षा योजना में अमानीगंज, मयाबाजार और तारुन में भुगतान में विलंब पर संबंधित अधीक्षकों और ब्लॉक अकाउंट मैनेजर को चेतावनी दी गई। मेडिकल कॉलेज और जिला महिला चिकित्सालय में भी शत-प्रतिशत भुगतान समय से कराने के निर्देश दिए गए। लक्ष्य के अनुरूप संस्थागत प्रसव न कराने वाले सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षकों को भी स्थिति सुधारने की हिदायत दी गई।ऑनलाइन ओपीडी और आयुष्मान सेवाओं को मिलेगी गतिई-सुश्रुत योजना के तहत सभी चिकित्सालयों में ऑनलाइन ओपीडी को प्रभावी ढंग से संचालित कराने के निर्देश दिए गए। आयुष्मान भारत योजना में निष्क्रिय आयुष्मान मित्रों के स्थान पर डाटा ऑपरेटरों को प्रशिक्षित कर कार्य लेने को कहा गया। गोल्डन कार्ड निर्माण में पिछड़े क्षेत्रों के अधिकारियों और ब्लॉक अधीक्षकों को लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
एचपीवी टीकाकरण में 14 प्रतिशत उपलब्धिबैठक में बताया गया कि जनपद में अब तक लगभग 14 प्रतिशत बालिकाओं का एचपीवी टीकाकरण हुआ है। रुदौली में अपेक्षाकृत कम उपलब्धि पर जिलाधिकारी ने अभियान को गति देने के निर्देश दिए। तारुन और अर्बन क्षेत्र में आगामी माह माइक्रोप्लान कार्यशाला आयोजित कराने को भी कहा गया।नवजातों की निगरानी और एनसीडी स्क्रीनिंग पर भी जोरसंभव अभियान के तहत सैम बच्चों का समय से फॉलोअप कराने तथा एनसीडी स्क्रीनिंग में सभी विकासखंडों को निर्धारित लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए गए। होम बेस्ड न्यूबॉर्न केयर कार्यक्रम की समीक्षा में आशाओं द्वारा नवजात शिशुओं के गृह भ्रमण की नियमित मॉनिटरिंग और अतिगंभीर नवजातों को समय से एसएनसीयू रेफर कराने पर जोर दिया गया।डीएम ने कहा कि नियमित टीकाकरण, छाया वीएचएनडी, गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान और संस्थागत प्रसव स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल रहें। प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ पहुंचाने के साथ सेवाओं की गुणवत्ता में ठोस सुधार सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला चिकित्सालयों के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, कार्यक्रमों के नोडल अधिकारी, सीएचसी अधीक्षक, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।







