डिजिटल तंत्र से पारदर्शिता लाने की तैयारी, दिखेगा बड़ा बदलाव

चंडीगढ़ (तानिया रोहिल्ला) : हरियाणा के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कामकाज में अब तकनीक के जरिए निगरानी और मजबूत होगी। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने विभाग में होने वाले मेंटेनेंस और कैपिटल वर्क समेत जलापूर्ति, सीवरेज और अन्य कार्यों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत किसी भी काम को शुरू करने से लेकर पूरा होने तक उसकी तस्वीर और वीडियो मौके से रिकॉर्ड की जाएगी और जियो-टैगिंग के जरिए उसकी लोकेशन भी दर्ज होगी। मंत्री गंगवा ने खास तौर पर निर्देश दिए हैं कि काम शुरू होने से पहले, कार्य के दौरान और पूरा होने के बाद की फोटो-वीडियोग्राफी करवाई जाए और यह रिकॉर्ड संबंधित बिल के साथ उपलब्ध हो। यानी किसी काम के भुगतान की प्रक्रिया में उसके मौके पर हुए निष्पादन का डिजिटल रिकॉर्ड भी साथ रहेगा। इससे काम की प्रगति और वास्तविक स्थिति को जांचना आसान होगा। मंत्री ने प्रत्येक विभागीय कार्य और परिसंपत्ति को यूनिक एसेट आईडी देने के निर्देश भी दिए हैं। इस आईडी का उल्लेख बिल में किया जाएगा। कार्यों से संबंधित फोटो, वीडियो और दूसरे डिजिटल रिकॉर्ड को मुख्यालय स्तर पर सुरक्षित रखने के लिए आईटी सेल व्यवस्था विकसित करेगा। भविष्य में किसी कार्य के बारे में जानकारी या सत्यापन की जरूरत पड़ने पर उसका रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा। रणबीर गंगवा ने कहा कि सरकारी कामों में तकनीक का इस्तेमाल बढ़ने से निगरानी व्यवस्था और बेहतर होगी। उन्होंने जहां संभव हो इलेक्ट्रॉनिक मेजरमेंट बुक (ई-एमबी) अपनाने और ठेकेदारों के बिल ऑनलाइन जमा करवाकर उनकी डिजिटल जांच की व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए। कार्यों की मौके पर प्रगति का सत्यापन भी संबंधित फील्ड अधिकारियों द्वारा किया जाएगा।खरीद या कार्य को मंजूरी देने से पहले जॉब कार्ड को मुख्यालय द्वारा विकसित किए जाने वाले ऑनलाइन सिस्टम पर अपलोड किया जाएगा। मेंटेनेंस कार्यों के लिए पहले से एग्रीमेंट करने और प्रोवाइडिंग एंड फिक्सिंग के मामलों में खरीदी गई सामग्री को पहले एमएएस रजिस्टर में दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। सामग्री की खपत भी इसी रजिस्टर के माध्यम से दर्ज होगी। कार्य प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन कोटेशन मंगवाने, एसडीई और जेई की मौजूदगी अथवा नजदीकी निगरानी में कार्य करवाने तथा बिलों की जांच के दौरान कार्य की वास्तविक प्रगति का मिलान करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यालय स्तर पर डिजिटल डैशबोर्ड विकसित होगा: गंगवा ने कार्यों की निगरानी के लिए मुख्यालय स्तर पर डिजिटल डैशबोर्ड विकसित करने को भी कहा है। इसमें कार्य की प्रगति, खर्च, फोटो, परिसंपत्तियों और उनकी स्थिति का रिकॉर्ड एक जगह उपलब्ध हो सकेगा। पीएफएमएस, जीआईएस और अन्य सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म के साथ इसे जोड़ने की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी। पारदर्शिता बढ़ेगी, जवाबदेही भी तय होगी: मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य विभाग के कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाने, कार्यों की गुणवत्ता की निगरानी मजबूत करने और सरकारी धन का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने का है। डिजिटल रिकॉर्ड से काम की प्रगति का स्पष्ट ब्यौरा उपलब्ध रहेगा और जरूरत पड़ने पर संबंधित कार्य का सत्यापन भी आसानी से किया जा सकेगा। उन्होंने विभाग को इन सभी बिंदुओं के आधार पर आवश्यक एसओपी तैयार कर लागू करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, नियमों की अनदेखी अथवा वित्तीय अनियमितता सामने आने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी की जिम्मेदारी तय करने को कहा है।

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