नई दिल्ली/(रुपेश त्रिवेदी):
श्रम और रोजगार मंत्रालय 19 जून 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) के सफल कार्यान्वयन के उपलक्ष्य में एक राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम आयोजित करने जा रहा है। इस कार्यक्रम में माननीय प्रधानमंत्री की उपस्थिति में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से लगभग ₹2,400 करोड़ की प्रोत्साहन राशि लाभार्थियों को वितरित की जाएगी।
इस योजना के तहत 15 लाख से अधिक लोगों को अतिरिक्त रोजगार समर्थन मिलने की संभावना जताई गई है। कार्यक्रम में लगभग 1,200 आमंत्रित अतिथियों के शामिल होने की उम्मीद है, जिनमें नियोक्ता, कर्मचारी, लाभार्थी और अन्य विशिष्ट व्यक्ति शामिल होंगे। प्रधानमंत्री देशभर के लाभार्थियों से संवाद भी करेंगे। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दूरदर्शन पर किया जाएगा।
देशभर में 200 स्थानों पर एक साथ आयोजन
इस अवसर पर देशभर में लगभग 200 स्थानों पर क्षेत्रीय कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों सहित हजारों प्रतिभागी शामिल होंगे। कुल मिलाकर देशभर में 65,000 से 70,000 प्रतिभागियों के जुड़ने की संभावना है।
चंडीगढ़ में क्षेत्रीय कार्यक्रम
चंडीगढ़ क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा 19 जून को जी.जी.डी.एस.डी. कॉलेज, सेक्टर 32-सी में PM-VBRY कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें चंडीगढ़ के मेयर सौरभ जोशी मुख्य अतिथि होंगे। कार्यक्रम में श्रम विभाग और ईएसआईसी के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी, नियोक्ता तथा विभिन्न श्रमिक एवं नियोक्ता संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
योजना का उद्देश्य और लाभPM-VBRY एक प्रमुख रोजगार-लिंक्ड इंसेंटिव (ELI) योजना है, जिसका उद्देश्य औपचारिक रोजगार को बढ़ावा देना, पहली बार नौकरी पाने वाले युवाओं को सहायता देना और नियोक्ताओं को अतिरिक्त रोजगार सृजन के लिए प्रोत्साहित करना है।योजना के अंतर्गत—
- पहली बार नौकरी करने वाले कर्मचारियों को एक महीने के वेतन तक (अधिकतम ₹15,000) का प्रोत्साहन दिया जाता है।
- नियोक्ताओं को अतिरिक्त रोजगार सृजन पर ₹3,000 प्रति माह तक का लाभ दो वर्षों तक मिलता है।
- मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को अतिरिक्त प्रोत्साहन के रूप में विस्तारित सहायता दी जाती है।
बजट और लक्ष्य
₹99,446 करोड़ के बजट वाली इस योजना का लक्ष्य दो वर्षों में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार सृजित करना है। इसमें लगभग 1.92 करोड़ पहली बार औपचारिक कार्यबल में शामिल होने वाले लाभार्थियों को शामिल करने का अनुमान है।
शुरुआती उपलब्धियां
मार्च 2026 में योजना के पहले चरण में:
- 4.41 लाख नए कर्मचारियों को ₹247 करोड़ का लाभ
- 17,551 संस्थानों को ₹214 करोड़ का प्रोत्साहन
- लगभग 6.46 लाख अतिरिक्त रोजगार सृजित होने का समर्थन
क्षेत्रीय आंकड़े (चंडीगढ़ एवं पंजाब-हिमाचल क्षेत्र)
दूसरे वितरण चक्र में:
नियोक्ता (Part-B):
- पंजाब एवं हिमाचल अंचल: 2,428 संस्थान – ₹56.85 करोड़
- चंडीगढ़: 794 संस्थान – ₹26.63 करोड़
कर्मचारी (Part-A):
- पंजाब एवं हिमाचल अंचल: 15,287 लाभार्थी – ₹8.38 करोड़
- चंडीगढ़: 5,435 लाभार्थी – ₹3.26 करोड़







