फरीदकोट, (तानिया रोहिल्ला): जून 2024 में बिना वैध पासपोर्ट के फरीदकोट-फिरोजपुर सीमा क्षेत्र से भारत में प्रवेश करने वाले एक पाकिस्तानी नागरिक को बुधवार को कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद पाकिस्तान वापस भेज दिया गया। वह भारत में प्रवेश के समय नाबालिग था। उसके स्वदेश लौटने की प्रक्रिया में जिला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी (डीएलएसए), फरीदकोट ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों के तहत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।जानकारी के अनुसार, उक्त युवक ने फिरोजपुर सीमा के रास्ते भारतीय क्षेत्र में प्रवेश किया था। इसके बाद उसे जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड, फिरोजपुर के समक्ष पेश किया गया। करीब एक साल बाद 2025 में उसके मामले का फैसला हुआ। हिरासत के दौरान उसकी उम्र 18 वर्ष हो गई, जिसके बाद उसे फरीदकोट स्थित ऑब्जर्वेशन होम के अलग सुरक्षित परिसर में रखा गया।कानूनी सजा और अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के साथ विदेश मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद डीएलएसए फरीदकोट के चेयरमैन एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजय अग्निहोत्री ने उसकी स्वदेश वापसी की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।डीएलएसए की सचिव एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गुरप्रीत कौर की निगरानी में पूरी कार्रवाई की गई। फरीदकोट ऑब्जर्वेशन होम के अधीक्षक और कर्मचारियों ने युवक को अटारी सीमा तक पहुंचाया, जहां उसे पाकिस्तानी रेंजर्स के हवाले कर दिया गया।स्वदेश रवाना होने से पहले सीजेएम गुरप्रीत कौर ने युवक को मिठाई, फल और कपड़े दिए। उन्होंने उसके बेहतर भविष्य की कामना करते हुए उसे भविष्य में किसी भी गैरकानूनी गतिविधि से दूर रहने की सलाह दी। साथ ही बिना वैध यात्रा दस्तावेजों के किसी अंतरराष्ट्रीय सीमा को पार करने से बचने के लिए भी चेताया।क्षेत्र में इस तरह का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले अप्रैल 2024 में भी इसी उम्र के दो पाकिस्तानी लड़कों को कानूनी प्रक्रिया और सजा पूरी होने के बाद पाकिस्तान वापस भेजा गया था।
पटियाला के प्रतिष्ठित स्कूल में कई छात्र बीमार, फूड पॉइजनिंग की आशंका
पटियाला(तानिया रोहिल्ला): पटियाला के एक प्रतिष्ठित स्कूल में मंगलवार को कई छात्रों के अचानक बीमार पड़ने का मामला सामने आया है। प्रारंभिक तौर पर इसे फूड पॉइजनिंग का संभावित मामला…





