चंडीगढ़ , (तानिया रोहिल्ला) : 18, पंजाब सरकार का 8% डीए देने का फैसला कर्मचारियों के संघर्ष की पहली जीत है। आज यहां जारी एक बयान में भारतीय जनता पारी पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि पंजाब के कर्मचारियों के कड़े संघर्ष ने सरकार को हिलाकर रख दिया है और आम आदमी पार्टी सरकार को कर्मचारियों के आगे घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा लंबे समय से पंजाब के कर्मचारियों की मांगें न मानने के कारण कर्मचारियों को संघर्ष का रास्ता चुनना पड़ा है। उन्होंने कहा कि सरकार को कर्मचारियों के बाकी डीए का भी जल्द ऐलान करना चाहिए। ढिल्लों ने कहा कि सरकार को डीए के अलावा कर्मचारियों की दूसरी मांगें भी मानने का फैसला करना चाहिए ताकि पंजाब के कर्मचारियों को राहत मिल सके। डीए और दूसरी मांगों को लेकर पंजाब के कर्मचारियों ने 7 अगस्त को चंडीगढ़ में एक बड़ी विरोध रैली की थी और 27 अगस्त को सामूहिक छुट्टी लेकर सरकारी दफ्तरों का कामकाज ठप कर दिया था। 27 अगस्त को पंजाब के मुख्यमंत्री ने जालंधर में कर्मचारी संगठनों को मीटिंग का समय दिया था, लेकिन आखिरी समय में मीटिंग कैंसिल कर दी गई। इसके बाद कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए। इसके विरोध में कर्मचारियों ने लगातार हड़ताल पर जाने का ऐलान किया। इस हड़ताल के दूसरे दिन कारण बताओ नोटिस वापस लिए जाने के बाद कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म कर दी थी। पिछले दिनों भी कर्मचारियों ने अपनी मांगें मनवाने के लिए पंजाब के मंत्रियों के घरों का घेराव करके विरोध प्रदर्शन किया था।






