भाजपा सरकार ने वादों की राजनीति को जुमलों में बदल दिया, अब राम मंदिर से जुड़े कथित वित्तीय सवालों की निष्पक्ष जांच हो : कुमारी सैलजा

चंडीगढ़ ( दिव्या राणा ): सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री, कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की सदस्य कुमारी सैलजा ने कहा कि देश की जनता ने पिछले कई वर्षों में बड़े-बड़े वादे सुने, लेकिन अधिकांश वादे पूरे होने के बजाय राजनीतिक जुमले साबित हुए। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि सरकार जनता के सामने जवाबदेही तय करे और हर उस मामले में पारदर्शिता सुनिश्चित करे, जिसमें लोगों की आस्था, मेहनत की कमाई और देश के भविष्य का सवाल जुड़ा हुआ है।

कुमारी सैलजा ने कहा कि भाजपा ने वर्षों तक जनता से अनेक बड़े वादे किए। किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया गया, प्रत्येक नागरिक के खाते में 15 लाख रुपये आने की बात कही गई, वर्ष 2022 तक सभी को पक्का घर देने का लक्ष्य घोषित किया गया, लेकिन करोड़ों लोगों को आज भी इन वादों के पूरा होने का इंतजार है। उन्होंने कहा कि जनता अब वादों और वास्तविकता के बीच का अंतर साफ देख रही है। सांसद ने कहा कि नोटबंदी को भ्रष्टाचार, काले धन और नकली नोटों के खिलाफ ऐतिहासिक कदम बताया गया था, लेकिन उसके बाद भी देश की अर्थव्यवस्था, छोटे व्यापारियों, मजदूरों और आम लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। कांग्रेस का मानना है कि नोटबंदी के घोषित उद्देश्यों की निष्पक्ष समीक्षा होनी चाहिए ताकि देश जान सके कि उससे वास्तव में क्या हासिल हुआ।

कुमारी सैलजा ने कहा कि हाल के अंतरराष्ट्रीय तनावों के दौरान भी अनेक भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में सरकार का दायित्व है कि वह नागरिकों की सुरक्षा, समयबद्ध सहायता और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करे, ताकि किसी भी भारतीय को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

राम मंदिर से जुड़े हालिया विवादों का उल्लेख करते हुए कुमारी सैलजा ने कहा कि मीडिया और राजनीतिक स्तर पर मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन को लेकर अनेक प्रश्न उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम के प्रति अपनी आस्था के आधार पर दान और सहयोग दिया है। इसलिए यदि किसी प्रकार के वित्तीय अनियमितता के आरोप लगाए जा रहे हैं, तो उनका निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षण होना चाहिए। कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी भगवान श्रीराम, सनातन परंपरा और देशवासियों की धार्मिक आस्था का पूरा सम्मान करती है। पार्टी का उद्देश्य किसी धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाना नहीं, बल्कि जनता के धन और आस्था से जुड़े हर प्रश्न का सत्य सामने लाना है। यदि सब कुछ नियमों के अनुसार हुआ है, तो जांच से यह स्पष्ट हो जाएगा और यदि कहीं कोई गड़बड़ी हुई है, तो दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

कुमारी सैलजा ने मांग की कि राम मंदिर से जुड़े वित्तीय मामलों में लगाए जा रहे आरोपों की जांच सर्वोच्च न्यायालय के किसी वर्तमान अथवा सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए, ताकि जांच की निष्पक्षता पर किसी प्रकार का संदेह न रहे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जवाबदेही, पारदर्शिता और जनता के विश्वास की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। सांसद ने कहा कि कांग्रेस का मानना है कि सरकारें जनता के विश्वास से बनती हैं और जब जनता के विश्वास से जुड़े प्रश्न उठते हैं, तो उनका उत्तर भी पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ दिया जाना चाहिए।

⚡ SHARE THIS POST
  • Related Posts

    ईद-ए-मिलादुन्नबी पर गूंजा अमन का पैगाम, सपा नेताओं ने जुलूस-ए-मोहम्मदी का किया स्वागत

    पांचवा आयाम (जसबीर/सच कीरत सिंह) अयोध्या:पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिवस ईद-ए-मिलादुन्नबी के अवसर पर फैजाबाद शहर में निकले जुलूस-ए-मोहम्मदी का समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया।…

    महाराजा देवी बक्श सिंह की प्रतिमा का हुआ भव्य अनावरण

    पांचवा आयाम (हनुमान शरण पांडे):गोण्डा – अमर बलिदानी गोण्डा नरेश महाराजा देवी बक्श सिंह जी के शौर्य, त्याग एवं राष्ट्रभक्ति की स्मृतियों को अक्षुण्ण बनाए रखने की दिशा में आज…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *