सरसों के तेल में E-321 भारत में धड़ल्ले से मिक्स हो रहा है डॉ अर्चिता महाजन सीनियर डाइटिशियन शाह हॉस्पिटल कैथल

डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रीशन डाइटिशियन एवं चाइल्ड केयर मास्टर्स डिग्री इन फूड न्यूट्रिशन एंड डाइटिशियन होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेंड योगा टीचर नॉमिनेटेड फॉर पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार और पंजाब सरकार द्वारा सम्मानित और हिमाचल सरकार द्वारा सम्मानित और लेफ्टिनेंट गवर्नर लद्दाख श्री कविंदर गुप्ता जी द्वारा सम्मानित ने बताया कि E-321 (ब्यूटिलेटेड हाइड्रॉक्सीटोल्यूइन / BHT) पर पाबंदीE-321 कोई तेल नहीं, बल्कि एक कृत्रिम रासायनिक प्रीजर्वेटिव (preservative) है。 इसका इस्तेमाल तेल, घी और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों को जल्दी खराब होने या बासी होने से बचाने के लिए किया जाता है。अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिति: इसे पूरी तरह से प्रतिबंधित नहीं किया गया है, लेकिन कई देशों में इसके इस्तेमाल पर कड़े प्रतिबंध (Strict limitations) हैं。 उदाहरण के लिए, यूरोपियन यूनियन (EU) और ब्रिटेन (UK) में इसे सीमित मात्रा में ही डालने की अनुमति है。 शिशु आहार (baby food) में इसका उपयोग पूरी तरह से वर्जित है。चिंता का विषय: कुछ स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे लीवर की समस्याओं और हार्मोनल असंतुलन से जोड़कर देखते हैं。

सरसों के तेल में किसी भी अन्य खाद्य तेल (जैसे राइस ब्रान या सोयाबीन तेल) को मिक्स करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। भारत में खाद्य सुरक्षा नियामक, भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने 1 अक्टूबर 2020 से इसकी बिक्री और उत्पादन पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। शुद्ध सरसों के तेल में अन्य सस्ते तेलों की मिलावट (Blending) को रोकने के लिए यह सख्त नियम लागू किया गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाबंदी:विदेशी बाजारों (विशेष रूप से अमेरिका, कनाडा और यूरोपीय संघ) में सरसों के तेल के मानव उपभोग पर प्रतिबंध है। इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं: इरुसिक एसिड (Erucic Acid): सरसों के तेल में एक प्राकृतिक फैटी एसिड होता है, जिसे ‘इरुसिक एसिड’ कहा जाता है। स्वास्थ्य जोखिम: कुछ विदेशी शोधों में यह पाया गया है कि इरुसिक एसिड की अधिक मात्रा (20-40%) लंबे समय तक खाने से हृदय या मस्तिष्क से जुड़ी कुछ बीमारियां हो सकती हैं। अमेरिका (FDA) और यूरोपीय देशों में सरसों के तेल को खाद्य (खाने वाले) तेल के रूप में अनुमति नहीं है। हालांकि, अमेरिका में इसे केवल ‘बाहरी उपयोग’ (जैसे त्वचा/बालों पर मालिश) के लिए बेचने की छूट है, लेकिन इसे खाना पकाने के लिए उपयोग करना पूरी तरह से वर्जित है।

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