पंचकूला ( दिव्या राणा ) : सीमित मात्रा में टमाटर खाने से किडनी स्टोन (पथरी) होने की धारणा पूरी तरह सही नहीं है। न्यूट्रीशन डाइटिशियन एवं चाइल्ड केयर विशेषज्ञ डॉ. अर्चिता महाजन ने कहा कि संतुलित मात्रा में टमाटर का सेवन अधिकांश स्वस्थ लोगों के लिए सुरक्षित माना जाता है और इसे लेकर फैली कई भ्रांतियों का कोई ठोस वैज्ञानिक आधार नहीं है।
डॉ. महाजन ने बताया कि 100 ग्राम टमाटर में लगभग 5 मिलीग्राम ऑक्सालेट होता है, जो अपेक्षाकृत कम मात्रा है। सामान्य परिस्थितियों में इतनी मात्रा स्वस्थ व्यक्ति में किडनी स्टोन बनने का कारण नहीं बनती। यही कारण है कि चिकित्सक आम लोगों को टमाटर का सेवन पूरी तरह बंद करने की सलाह नहीं देते।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों को पहले कैल्शियम ऑक्सालेट स्टोन की समस्या रह चुकी है, उन्हें भी अधिकांश मामलों में केवल सीमित मात्रा में टमाटर खाने की सलाह दी जाती है। यदि चिकित्सक आवश्यक समझें तो सलाद में कच्चे टमाटर के बीज निकालकर सेवन किया जा सकता है। वहीं, सब्जी, करी, सॉस या ग्रेवी में पकने के बाद बीजों का प्रभाव और कम हो जाता है।
डॉ. महाजन के अनुसार टमाटर में सिट्रेट (Citrate) पाया जाता है, जो कैल्शियम को आपस में जुड़ने से रोकने में मदद करता है। इससे पथरी बनने का जोखिम कम हो सकता है। उन्होंने बताया कि टमाटर में ऑक्सालेट की मात्रा बहुत कम होती है, इसलिए इसका संतुलित सेवन सामान्यतः सुरक्षित माना जाता है।
उन्होंने कहा कि पथरी के मरीजों को अपने चिकित्सक की सलाह के अनुसार आहार लेना चाहिए। साथ ही पालक, चुकंदर, नट्स तथा अधिक नमक वाले खाद्य पदार्थों का सेवन नियंत्रित रखना चाहिए, क्योंकि इनमें ऑक्सालेट की मात्रा अपेक्षाकृत अधिक हो सकती है।
डॉ. अर्चिता महाजन ने लोगों से अपील की कि वे स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के लिए सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट बातों के बजाय योग्य विशेषज्ञों और चिकित्सकों की सलाह पर भरोसा करें तथा संतुलित आहार और पर्याप्त पानी पीने की आदत अपनाएं।







