हरियाणा के राज्यपाल ने डॉक्टर्स डे कॉन्क्लेव में समग्र एवं ‘पूरे राष्ट्र की स्वास्थ्य व्यवस्था’ अपनाने पर दिया बल

चंडीगढ़ हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में समग्र दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि भारत को ऐसी ‘पूरे राष्ट्र की स्वास्थ्य व्यवस्था’ विकसित करने की आवश्यकता है, जिसमें चिकित्सा विशेषज्ञ, नीति-निर्माता, शोधकर्ता तथा उद्योग जगत मिलकर कार्य करें ताकि प्रत्येक नागरिक को सुलभ, किफायती, नैतिक एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।आज नई दिल्ली में आयोजित ‘टाइम्स नाउ डॉक्टर्स डे कॉन्क्लेव’ के नौवें संस्करण को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि भारत ने चिकित्सा प्रौद्योगिकी, अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। इसके बावजूद ग्रामीण स्वास्थ्य अवसंरचना को और सुदृढ़ बनाने, डॉक्टरों के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर सहयोग प्रदान करने तथा ऐसा वातावरण विकसित करने की आवश्यकता है, जहां प्रत्येक चिकित्सा पेशेवर को सम्मान, सुरक्षा और उत्कृष्ट सेवाएं देने के लिए आवश्यक सहयोग एवं सशक्तिकरण प्राप्त हो।उन्होंने आयोजन के लिए टाइम्स नाउ समूह को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि इस कॉन्क्लेव में होने वाले विचार-विमर्श प्रभावी नीतियों, नवीन समाधानों और समावेशी पहलों का आधार बनेंगे, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ भारत की मजबूत नींव रखेंगे।इस वर्ष की थीम “A Life of Care, A Legacy of Light” का उल्लेख करते हुए प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि यह चिकित्सा जगत की सेवा-भावना और निस्वार्थ समर्पण को सटीक रूप से अभिव्यक्त करती है। उन्होंने कहा कि भारत की 140 करोड़ की आबादी की सेवा में 13 लाख से अधिक पंजीकृत एलोपैथिक चिकित्सक कार्यरत हैं। प्रत्येक आंकड़े के पीछे एक ऐसा डॉक्टर है, जो लोगों का जीवन बचाने और मरीजों में आशा का संचार करने के लिए अपने व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं का त्याग करता है।इस अवसर पर उन्होंने डॉ. बिधान चंद्र रॉय को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका जीवन और कार्य आज भी चिकित्सा जगत की अनेक पीढ़ियों को प्रेरणा प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. रॉय की विरासत हमें यह संदेश देती है कि चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सर्वोच्च माध्यम है।भारत के बदलते स्वास्थ्य परिदृश्य का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि यद्यपि देश की 70 प्रतिशत से अधिक आबादी 42 वर्ष से कम आयु की है, फिर भी बढ़ती औसत आयु के कारण भारत तेजी से वृद्ध समाज की ओर बढ़ रहा है। साथ ही देश अनेक प्रकार की बीमारियों और उभरती स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाना तथा भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना समय की मांग है।इस अवसर पर हरियाणा की प्रथम महिला मित्रा घोष सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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