पांचवा आयाम (प्रवीण आहूजा): पलवल। एसपीएस इंटरनेशनल स्कूल में उस समय माहौल जोश, उत्साह और गौरव से भर गया, जब विद्यालय के नवनियुक्त विद्यार्थी परिषद के सदस्यों ने नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालते हुए अनुशासन, सेवा और कर्तव्यनिष्ठा का संकल्प लिया। अवसर था विद्यालय में आयोजित भव्य अलंकरण समारोह का, जिसमें हरियाणा सरकार के खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारियों को बैज एवं सैशे पहनाकर नई जिम्मेदारियां सौंपीं और कहा कि आज जिन विद्यार्थियों को नेतृत्व की कमान दी जा रही है, वही आगे चलकर समाज और राष्ट्र का नेतृत्व करेंगे।समारोह का शुभारंभ खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद एसपीएसआई बैंड के विद्यार्थियों ने शानदार वाद्यवृंद प्रस्तुति देकर समारोह में ऊर्जा का संचार किया। विद्यार्थियों ने संगीत, नृत्य और अभिनय के माध्यम से महाभारत के विभिन्न प्रसंगों को जीवंत करते हुए नेतृत्व, कर्तव्य और निर्णय क्षमता का संदेश दिया। प्रस्तुतियों में विद्यार्थियों की प्रतिभा के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास और अनुशासन की भी प्रभावी झलक देखने को मिली।नेतृत्व पद नहीं, बड़ी जिम्मेदारी है : गौतममुख्य अतिथि गौरव गौतम ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि एसपीएस इंटरनेशनल शिक्षा, खेल और अनुशासन का अद्भुत संगम है। विद्यालय विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, निर्णय लेने की क्षमता, सहयोग और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे गुणों से भी तैयार कर रहा है।उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद में पद मिलना केवल सम्मान की बात नहीं, बल्कि उससे कहीं बड़ी जिम्मेदारी है। नेतृत्व किसी बैज, सैशे या पद का नाम नहीं, बल्कि जिम्मेदारी उठाने, दूसरों की सहायता करने, अनुशासन का पालन करने और सही समय पर सही निर्णय लेने की क्षमता का नाम है। उन्होंने नवनियुक्त परिषद के सदस्यों से आह्वान किया कि वे अपने आचरण से दूसरे विद्यार्थियों के लिए उदाहरण बनें।आज के विद्यार्थी ही कल के राष्ट्र निर्मातागौरव गौतम ने कहा कि आज के विद्यार्थी ही कल के राष्ट्र निर्माता हैं। देश को विकसित और सशक्त बनाने के लिए ऐसे युवाओं की आवश्यकता है, जिनमें शिक्षा के साथ अनुशासन, खेल भावना, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी का भाव हो। उन्होंने कहा कि स्कूल स्तर पर विद्यार्थियों को नेतृत्व की जिम्मेदारी देना उनके व्यक्तित्व निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।उन्होंने विद्यालय प्रबंधन की ओर से शिक्षा और खेल को समान महत्व दिए जाने की सराहना करते हुए कहा कि खेल विद्यार्थियों में टीम भावना, अनुशासन और संघर्ष करने की क्षमता विकसित करता है, जबकि शिक्षा उन्हें सही दिशा और दृष्टिकोण प्रदान करती है। दोनों का समन्वय विद्यार्थियों को एक बेहतर और जिम्मेदार नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।विद्यार्थी परिषद ने लिया जिम्मेदारी निभाने का संकल्पअलंकरण समारोह के दौरान नवनियुक्त कप्तानों और उपकप्तानों ने अपने पद की गरिमा बनाए रखने, विद्यालय के अनुशासन एवं मूल्यों को सर्वोपरि रखने और सौंपे गए दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने का संकल्प लिया। विद्यार्थियों ने स्पष्ट संदेश दिया कि नेतृत्व अधिकार जताने के लिए नहीं, बल्कि सेवा और जिम्मेदारी निभाने के लिए है।विद्यालय के संस्थापक सुरेश भारद्वाज ने कहा कि अलंकरण समारोह विद्यार्थियों को नेतृत्व की वास्तविक भावना से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम है। विद्यार्थी परिषद के जरिए बच्चों को निर्णय लेने, टीम का नेतृत्व करने, समस्याओं का समाधान खोजने और विद्यालय एवं समाज के प्रति अपने दायित्व को समझने का व्यावहारिक अवसर मिलता है।हरियाणवी संस्कृति और प्रतिभा ने बांधा समांसमारोह में विद्यार्थियों ने हरियाणवी सांस्कृतिक नृत्य की शानदार प्रस्तुति देकर प्रदेश की समृद्ध लोक संस्कृति की छटा बिखेरी। संगीत, नृत्य, वाद्यवृंद और अभिनय की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। विद्यार्थियों के उत्साह और प्रतिभा ने उपस्थित अतिथियों को खूब प्रभावित किया।







