डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रीशन डाइटिशियन एवं चाइल्ड केयर मास्टर्स डिग्री इन फूड न्यूट्रिशन एंड डाइटिशियन,होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेंड योगा टीचर नॉमिनेटेड फॉर पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार और पंजाब सरकार द्वारा सम्मानित और हिमाचल सरकार द्वारा सम्मानित और लेफ्टिनेंट गवर्नर लद्दाख श्री कविंदर गुप्ता जी द्वारा सम्मानित ने बताया कि लगातार (3-4 घंटे से अधिक) बैठे रहने से किडनी खराब होने का खतरा लगभग 30% तक बढ़ जाता है। निष्क्रिय जीवनशैली के कारण मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर और टाइप-2 डायबिटीज जैसी बीमारियां होती हैं, जो अंततः किडनी को नुकसान पहुंचाती हैं।लगातार कई घंटे बैठे रहने से किडनी खराब होने का खतरा काफी बढ़ जाता है। शारीरिक निष्क्रियता (inactivity) से ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और मोटापा जैसी समस्याएं होती हैं जो सीधे किडनी पर दबाव डालती हैं। हर दिन 8 घंटे से ज्यादा बैठने वालों में क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) का जोखिम 30% तक अधिक होता है।लंबे समय तक बैठने के नुकसान और बचाव:ब्लड प्रेशर का बढ़ना: एक ही मुद्रा में रहने से रक्त संचार धीमा हो जाता है, जिससे रक्त वाहिकाओं पर दबाव पड़ता है और उच्च रक्तचाप की समस्या होती है, जो किडनी के नेफ्रॉन्स को नुकसान पहुंचाता है।मोटापा और डायबिटीज: फिजिकल एक्टिविटी न होने से शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है, जिससे वजन बढ़ता है और इंसुलिन रेजिस्टेंस (डायबिटीज) का खतरा पैदा होता है। ये दोनों क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) के प्रमुख कारण हैं।यूरिन में प्रोटीन का रिसाव: अध्ययनों से पता चला है कि ज्यादा देर बैठे रहने से यूरिन में प्रोटीन का स्तर (Proteinuria) बढ़ जाता है, जो किडनी की कार्यप्रणाली कमजोर होने का शुरुआती संकेत है।मेटाबॉलिज्म धीमा होना: ज्यादा देर बैठने से शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ जाता है, जिससे रक्त संचार प्रभावित होता है और किडनी की कार्यप्रणाली पर बुरा असर पड़ता है।खतरनाक बीमारियां: इससे हाई ब्लड प्रेशर और टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ता है, जो किडनी डैमेज के मुख्य कारण हैं।क्या करें: डेस्क जॉब या लगातार बैठने वाले काम में हर 30 से 40 मिनट में 2-3 मिनट का ब्रेक लें। उठकर थोड़ा टहलें, स्ट्रेच करें या पानी पिएं।







