जालंधर कैंट खंड पर लेवल क्रॉसिंग संख्या B-67A के स्थान पर बनने वाला गुरु नानक पुरा आरओबी यातायात जाम को कम करेगा और रेलवे क्रॉसिंग के बार-बार बंद होने से होने वाली देरी को समाप्त करेगा। व्यस्त सहनेवाल–अमृतसर मार्ग पर स्थित यह क्रॉसिंग 4.66 लाख से अधिक ट्रैफिक व्हीकल यूनिट टीवीयू संभालती है। यह परियोजना, जो पहले लागत-साझेदारी आधार पर प्रस्तावित थी, अब लगभग ₹48.95 करोड़ की अनुमानित लागत से पूरी तरह रेलवे द्वारा क्रियान्वित की जाएगी।रवनीत सिंह ने जालंधर सिटी–नकोदर खंड पर लेवल क्रॉसिंग संख्या S-4 के स्थान पर गढ़ा रोड पर दो-लेन आरओबी की आधारशिला भी रखी। यह क्रॉसिंग 2.13 लाख से अधिक टीवीयू के साथ भारी वाहन आवागमन का साक्षी है। तेज़ी से कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए इस परियोजना को भी 100 प्रतिशत रेलवे-वित्तपोषित कार्य में परिवर्तित कर दिया गया है।लगभग ₹63.98 करोड़ की लागत से बनने वाला गढ़ा रोड आरओबी जालंधर सिटी, जामशेर खास, नकोदर और आसपास के क्षेत्रों के बीच निर्बाध संपर्क प्रदान करेगा, साथ ही सुरक्षा बढ़ाएगा और यातायात जाम को कम करेगा।सभा को संबोधित करते हुए रवनीत सिंह ने कहा कि ये परियोजनाएँ सुरक्षित सड़कों, तेज़ आवागमन और बेहतर संपर्क सुनिश्चित कर हजारों निवासियों को ठोस लाभ पहुँचाएँगी। उन्होंने नागरिकों के हित में अवसंरचना विकास को गति देने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।मंत्री ने इन परियोजनाओं को शीघ्रता से आगे बढ़ाने में लगे रेलवे अधिकारियों, इंजीनियरों, स्थानीय प्रशासन और अन्य हितधारकों के प्रयासों की भी सराहना की तथा विश्वास व्यक्त किया कि दोनों आरओबी निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे कर लिए जाएंगे।







