(दिव्या राणा) : पंचकूला जल संरक्षण, नदियों की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर गंगा समग्र द्वारा मंगलवार को पंचकूला में विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं ट्राई-सिटी के नागरिकों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ नदियों और जल स्रोतों को स्वच्छ एवं प्रदूषण मुक्त रखने के लिए जनभागीदारी को मजबूत करना रहा। कार्यक्रम में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं वरिष्ठ भाजपा नेता ज्ञानचंद गुप्ता तथा पार्षद हरिंदर मलिक विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस दौरान जल संरक्षण, नदी स्वच्छता, पर्यावरण सुरक्षा तथा समाज में नागरिक जिम्मेदारी को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर ज्ञानचंद गुप्ता ने कहा कि जल है तो जीवन है और जल का संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। उन्होंने कहा कि देश की नदियां हमारी सभ्यता और संस्कृति की जीवनरेखा रही हैं। आज आवश्यकता है कि हम विकास के साथ-साथ अपने जल स्रोतों और पर्यावरण के संरक्षण को भी प्राथमिकता दें। यदि समय रहते पानी की बर्बादी पर रोक नहीं लगाई गई और नदियों को प्रदूषण से नहीं बचाया गया तो आने वाली पीढ़ियों के सामने गंभीर चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। गुप्ता ने कहा कि गंगा समग्र जैसे सामाजिक संगठन लोगों को जागरूक करने और समाज को पर्यावरण संरक्षण के साथ जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपने घर, मोहल्ले और शहर से जल संरक्षण की शुरुआत करें। वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देना, पानी की अनावश्यक बर्बादी रोकना और नदियों में कूड़ा-कचरा न डालना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी होनी चाहिए। पार्षद हरिंदर मलिक ने कहा कि पंचकूला को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल शहर बनाने के लिए प्रशासन के साथ-साथ नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता और जल संरक्षण को केवल अभियान के रूप में नहीं, बल्कि दैनिक जीवन की आदत के रूप में अपनाने की जरूरत है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने आसपास के जल स्रोतों को स्वच्छ रखें और पानी की हर बूंद का महत्व समझें। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि आज पर्यावरण संरक्षण केवल चर्चा का विषय नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है। जल संकट को रोकने के लिए सामूहिक प्रयास, जागरूकता और जिम्मेदार नागरिक व्यवहार जरूरी है। गंगा समग्र की ओर से कहा गया कि संगठन देशभर में नदियों, जल स्रोतों और पर्यावरण के संरक्षण को लेकर लोगों को जागरूक करने का कार्य कर रहा है। इसका उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों को एकजुट कर जल संरक्षण और नदी स्वच्छता के लिए जनआंदोलन का स्वरूप देना है। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने जल स्रोतों को स्वच्छ रखने, पानी की बर्बादी रोकने और पर्यावरण संरक्षण के लिए अपनी भूमिका निभाने का संकल्प लिया। आयोजकों ने कहा कि जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति जल संरक्षण को अपनी जिम्मेदारी समझेगा, तभी स्वच्छ, सुरक्षित और टिकाऊ भविष्य का निर्माण संभव होगा।





