डॉ. अर्चिता महाजन, न्यूट्रीशन डाइटिशियन एवं चाइल्ड केयर, मास्टर्स डिग्री इन फूड न्यूट्रिशन एंड डाइटिशियन, होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेंड योगा टीचर, नॉमिनेटेड फॉर पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार तथा पंजाब सरकार, हिमाचल सरकार एवं लेफ्टिनेंट गवर्नर लद्दाख श्री कविंदर गुप्ता जी द्वारा सम्मानित, ने बताया कि नारियल पानी एक प्राकृतिक पेय है, लेकिन इसे हर व्यक्ति के लिए बिना सोचे-समझे अधिक मात्रा में पीना उचित नहीं है। नारियल पानी में पानी के साथ पोटैशियम और अन्य इलेक्ट्रोलाइट्स पाए जाते हैं, इसलिए गर्मी या व्यायाम के बाद शरीर में तरल पदार्थों की पूर्ति में यह उपयोगी हो सकता है। लेकिन इसकी मात्रा व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य और खान-पान के अनुसार रखनी चाहिए।
किन लोगों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए? जिन लोगों को किडनी की बीमारी है या जिनके शरीर में पोटैशियम का स्तर बढ़ा हुआ रहता है, उन्हें नारियल पानी लेने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह लेनी चाहिए। किडनी की कार्यक्षमता कम होने पर शरीर से अतिरिक्त पोटैशियम निकालने में परेशानी हो सकती है। इसी तरह जिन लोगों को डॉक्टर ने पोटैशियम या तरल पदार्थ सीमित करने की सलाह दी है, उन्हें नारियल पानी को अपनी इच्छा से नियमित रूप से अधिक मात्रा में नहीं लेना चाहिए। डायबिटीज में भी मात्रा महत्वपूर्ण नारियल पानी मीठे शीतल पेय की तुलना में बेहतर विकल्प हो सकता है, लेकिन इसमें प्राकृतिक शर्करा और कैलोरी होती हैं। इसलिए डायबिटीज वाले व्यक्ति को भी मात्रा और अपने पूरे आहार का ध्यान रखना चाहिए। बच्चों के लिए भी यही नियम बच्चों को उम्र के अनुसार संतुलित आहार और पर्याप्त पानी देना जरूरी है। नारियल पानी को पानी या संपूर्ण आहार का विकल्प नहीं समझना चाहिए। छोटे बच्चों को कोई भी नया पेय देने से पहले उनकी उम्र और स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखना उचित है। निष्कर्ष नारियल पानी अच्छा है, लेकिन “जितना ज्यादा, उतना बेहतर” वाली सोच सही नहीं है। स्वस्थ व्यक्ति भी इसे संतुलित मात्रा में लें और किडनी, पोटैशियम, डायबिटीज या अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर व्यक्तिगत चिकित्सकीय/पोषण संबंधी सलाह के अनुसार इसका सेवन करें।






