पंजाब की चरमराई शिक्षा व्यवस्था की तारीफ करने को लेकर वड़िंग ने CJP की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए

( तानिया रोहिल्ला) : पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने आज कहा कि पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने गुलज़ार सिंह की आत्महत्या के मुद्दे से जनता का ध्यान भटकाने के लिए अपने प्रॉक्सी संगठन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) का इस्तेमाल किया है। गुलज़ार सिंह की आत्महत्या के लिए वड़िंग ने वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा को जिम्मेदार ठहराया। वड़िंग ने पंजाब की शिक्षा व्यवस्था की तारीफ करने को लेकर CJP की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि AAP सरकार के कार्यकाल में राज्य की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।PCC अध्यक्ष ने कहा कि यह किसी से छिपा नहीं है कि CJP, AAP का प्रॉक्सी संगठन है और वह खुले तौर पर और पर्दे के पीछे AAP के एजेंडे को आगे बढ़ा रहा है।उन्होंने कहा, “जब पंजाब में AAP सरकार पर गुलज़ार सिंह की आत्महत्या के मामले में वित्त मंत्री हरपाल चीमा को बर्खास्त करने का भारी दबाव था, तब उसने CJP के कार्यकर्ताओं को पंजाब के स्कूलों का तथाकथित ऑडिट करने के लिए भेज दिया।”उन्होंने कहा कि यह जानबूझकर किया गया, ताकि गुलज़ार सिंह की आत्महत्या के मुद्दे से ध्यान हटाकर शिक्षा व्यवस्था की खराब स्थिति की ओर मोड़ा जा सके।वड़िंग ने कहा कि AAP को अच्छी तरह पता था कि CJP द्वारा उसकी खराब शिक्षा व्यवस्था की तारीफ करना उल्टा पड़ सकता है। इसके बावजूद सरकार ने यह उम्मीद करते हुए ऐसा किया कि गुलज़ार सिंह की आत्महत्या का मुद्दा पीछे चला जाएगा। उन्होंने कहा, “लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे। चीमा को इस्तीफा देना होगा और जेल जाना होगा। हम यह सुनिश्चित करेंगे।”राज्य की शिक्षा व्यवस्था की “खराब स्थिति” का जिक्र करते हुए वड़िंग ने कहा कि पंजाब में स्वीकृत 1,03,052 शिक्षक पदों में से 18,015 पद खाली पड़े हैं। वहीं, राज्य के 1,927 सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में से 1,113 स्कूलों में प्रिंसिपल नहीं हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों और प्रशासनिक कर्मचारियों की कमी केवल सामान्य सरकारी स्कूलों तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकार के प्रमुख ‘स्कूल्स ऑफ एमिनेंस’ कार्यक्रम में भी यह समस्या दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि राज्य के स्कूल्स ऑफ एमिनेंस में 140 से अधिक स्टाफ पद खाली हैं। इससे सरकार की उस क्षमता पर सवाल उठते हैं, जिसके तहत वह इस कार्यक्रम के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का दावा करती है। वड़िंग ने कहा कि AAP के ‘स्कूल्स ऑफ एमिनेंस’ वास्तव में पहले से मौजूद मॉडल स्कूल ही हैं, जिन्हें AAP सरकार ने केवल नया नाम दे दिया है। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या में आई गिरावट का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या करीब 1.54 लाख कम हुई है, जबकि निजी स्कूलों में छात्रों की संख्या लगभग 82,000 बढ़ी है। वड़िंग ने कहा कि यह बदलाव दिखाता है कि अभिभावकों का सरकारी स्कूलों पर भरोसा कम हो रहा है। उन्होंने सरकारी शिक्षा व्यवस्था में बदलाव लाने के सरकार के दावों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आगे कहा कि 2025 में चलाए गए एक वेरिफिकेशन अभियान के दौरान करीब 70,000 फर्जी छात्र प्रविष्टियां पाई गई थीं। वड़िंग का आरोप है कि इन फर्जी प्रविष्टियों के जरिए मिड-डे मील और छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं के लिए निर्धारित सरकारी धन को दूसरी ओर मोड़ा जा रहा था। उन्होंने कहा कि कई सरकारी स्कूलों की स्थिति अभी भी खराब है। स्कूलों में पर्याप्त बुनियादी ढांचे, सुविधाओं और जरूरी संसाधनों की कमी है, जिसका सीधा असर छात्रों के पढ़ाई के माहौल पर पड़ रहा है।

⚡ SHARE THIS POST
  • Related Posts

    अमन उत्सव ने दिया शांति, समरसता और समावेशिता का संदेश

    नई दिल्ली, तानिया रोहिल्ला:-एहसास चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा ‘अमन उत्सव बाय एहसास’ का भव्य आयोजन आर्य ऑडिटोरियम में किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में शांति, सद्भाव, समरसता और समावेशिता…

    14 कोसी मार्ग की बुलडोजर कार्रवाई से प्रभावित परिवारों से मिले अखिलेश यादव, नौ परिवारों को एक-एक लाख की सहायता

    पांचवा आयाम (जसबीर/ सच कीरत सिंह) अयोध्या 14 कोसी परिक्रमा मार्ग में बुलडोजर कार्रवाई से प्रभावित परिवारों ने पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडे के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *