पांचवा आयाम (जसबीर/ सच कीरत सिंह)अयोध्या:चौदहकोसी परिक्रमा मार्ग पर चल रहे निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता और अधिकारियों की लापरवाही सामने आने पर जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। मंडलायुक्त राजेश कुमार के साथ किए गए स्थलीय निरीक्षण में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता अपेक्षित स्तर की नहीं मिली और अधिकारियों द्वारा प्रभावी निगरानी का अभाव पाया गया। इसके बाद लोक निर्माण विभाग, निर्माण खंड-3 के अधिशासी अभियंता सहित 13 इंजीनियरों का अगस्त माह का वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया। साथ ही सभी संबंधित अधिकारियों को सात दिन के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि कई स्थानों पर कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हो रहे थे। इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि धार्मिक और जनआस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं में किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।कार्रवाई की जद में अधिशासी अभियंता सत्यपाल सिंह, सहायक अभियंता अखिल वर्मा, विपिन कुशवाहा एवं पूर्ण कुमार रस्तोगी तथा अवर अभियंता विनोद कुमार, सिद्धार्थ वर्मा, मनोज कुमार श्रीवास्तव, करुणेश कुमार सिंह, प्रवीण कुमार शर्मा, मनोज कुमार, अशोक कुमार यादव, विनोद कुमार विश्वकर्मा एवं स्वतंत्र कुमार बीहड़ शामिल हैं। इन सभी का अगस्त माह का वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है।जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने कहा कि चौदहकोसी परिक्रमा मार्ग अयोध्या की आस्था और पहचान से जुड़ी अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजना है। ऐसे कार्यों में लापरवाही, उदासीनता अथवा गुणवत्ता से समझौता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को सात दिन के भीतर संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने तथा निर्माण कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुरूप उच्च गुणवत्ता के साथ समयबद्ध ढंग से पूरा कराने के निर्देश दिए हैं। चेतावनी दी गई है कि संतोषजनक जवाब न मिलने अथवा कार्यों में सुधार न होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।









