पांचवा आयाम ( जसबीर/ सच कीरत सिंह) अयोध्या:चारबाग रेलवे स्टेशन ने रविवार को अपनी गौरवशाली यात्रा के 100 वर्ष पूरे कर इतिहास के एक और स्वर्णिम अध्याय में प्रवेश किया। शताब्दी वर्ष पर आयोजित ‘स्टेशन महोत्सव’ में स्टेशन की स्थापत्य विरासत, बीते दौर की स्मृतियों और भारतीय रेल की विकास यात्रा को भावपूर्ण ढंग से याद किया गया।मंडल रेल प्रबंधक सुनील कुमार वर्मा की अध्यक्षता में हुए समारोह में स्टेशन के 1926 से अब तक के सफर पर आधारित लघु फिल्म दिखाई गई। उत्कृष्ट कार्य करने वाले रेलकर्मियों को सम्मानित किया गया, जबकि स्काउट्स एवं गाइड्स ने नुक्कड़ नाटक के जरिए स्वच्छता, सुरक्षा और विरासत संरक्षण का संदेश दिया। गांधी प्रतिमा पर पुष्पांजलि, राष्ट्रगान, रैली और पौधरोपण ने समारोह को देशभक्ति और पर्यावरण चेतना से जोड़ा।प्लेटफार्म नंबर एक पर लगी ऐतिहासिक तस्वीरों और विरासत उपकरणों की प्रदर्शनी ने यात्रियों को चारबाग के उस सफर से रूबरू कराया, जिसमें एक सदी की असंख्य यात्राएं, विदाइयां, मिलन और यादें समाई हैं। रोशनी से नहाया ऐतिहासिक भवन, गांधी पार्क और विंटेज इंजन शताब्दी समारोह में अतीत और वर्तमान के खूबसूरत संगम का दृश्य प्रस्तुत कर रहे थे।समर्थ गुप्ता, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, उत्तर रेलवे लखनऊ ने कहा, “चारबाग स्टेशन केवल रेल यात्राओं का पड़ाव नहीं, बल्कि लखनऊ की आत्मा और एक सदी की जीवंत स्मृतियों का साक्षी है। इसकी विरासत को संजोना हमारी जिम्मेदारी है। शताब्दी समारोह नई पीढ़ी को इस गौरवशाली इतिहास से जोड़ने का भावपूर्ण अवसर है।”उन्होंने कहा कि 100 वर्षों की यह यात्रा भारतीय रेल की सेवा, समर्पण और निरंतर बदलते भारत की कहानी भी है। चारबाग की ऐतिहासिक पहचान को संरक्षित रखते हुए आने वाली पीढ़ियों तक इसकी गौरवगाथा पहुंचाना ही इस आयोजन की सार्थकता है।







