पांचवां आयाम/(ललित):शहीद भगत सिंह जागृति मंच एवं कंबोज सभा पंचकूला इकाई के संयुक्त तत्वावधान में शहीद उधम सिंह का 86वां बलिदान दिवस शहीद उधम सिंह चौक, सेक्टर-4/10 पंचकूला में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। इस अवसर पर समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले गांव महेशपुर के प्रधान एवं समाजसेवी रामानंद को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ शहीद उधम सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके पश्चात माखन सिंह ने शहीद उधम सिंह पर आधारित अपनी ओजस्वी कविता प्रस्तुत कर कार्यक्रम का वातावरण देशभक्ति से ओत-प्रोत कर दिया।मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित पूर्व आईटीबीपी आईजी ईश्वर सिंह दुहन ने अपने संबोधन में कहा कि जलियांवाला बाग हत्याकांड भारतीय इतिहास का एक काला अध्याय था। उन्होंने बताया कि रोलेट एक्ट के विरोध में एकत्रित निहत्थे लोगों पर जनरल डायर के आदेश पर हुई गोलीबारी और तत्कालीन पंजाब के लेफ्टिनेंट गवर्नर माइकल ओ’ड्वायर की भूमिका ने पूरे देश को झकझोर दिया था। इसी अन्याय का बदला लेने के लिए शहीद उधम सिंह ने 13 मार्च 1940 को लंदन में माइकल ओ’ड्वायर को गोली मारकर भारत के स्वाभिमान का परिचय दिया।शहीद उधम सिंह पर पुस्तक लिख चुके प्रोफेसर एम.एम. जुनेजा ने भी उनके जीवन पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि एक अनाथ बालक ने 21 वर्षों तक अपने संकल्प को जीवित रखा और अंततः देश के सम्मान के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। उनका जीवन आज भी देशभक्ति, साहस और बलिदान की अद्वितीय मिसाल है।इस अवसर पर पार्षद ओमवती पूनिया तथा मंच के अध्यक्ष जगदीश भगत सिंह ने शहीद उधम सिंह के बलिदान को नमन करते हुए उपस्थित लोगों के साथ “शहीद उधम सिंह अमर रहें” और “इंकलाब जिंदाबाद” के जोशीले नारे लगाए।कार्यक्रम के अंत में समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए गांव महेशपुर के प्रधान रामानंद को सम्मानित किया गया। आयोजकों ने कहा कि समाजहित में कार्य करने वाले लोगों का सम्मान करना नई पीढ़ी को प्रेरणा देने का माध्यम है।इस अवसर पर कंबोज सभा एवं शहीद भगत सिंह जागृति मंच के पदाधिकारी, सदस्य तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।







