चंडीगढ़(तानिया रोहिल्ला): पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) ने पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल की राजनीतिक छवि को मजबूत करने के लिए नया अभियान शुरू किया है। इस अभियान में गुरबाणी की पंक्ति ‘समरथ गुरु सिर हाथ धरयो’ को प्रमुखता दी जा रही है, जिसका अर्थ है कि सर्वशक्तिमान गुरु ने मेरे सिर पर अपना हाथ रखा है।सुखबीर बादल पिछले दो साल से भी कम समय में दो हमलों से बच चुके हैं। हाल ही में 13 अगस्त को महाराष्ट्र के नांदेड में उन पर हमला हुआ था। इसके बाद मंगलवार को पंजाब लौटने पर तलवंडी साबो स्थित तख्त दमदमा साहिब में उन्होंने पत्नी एवं बठिंडा सांसद हरसिमरत कौर बादल तथा पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ माथा टेका।उनके पंजाब लौटने के दौरान बठिंडा जिले के तलवंडी साबो में कई होर्डिंग लगाए गए, जिनमें गुरबाणी की उक्त पंक्ति के साथ सुखबीर बादल की तस्वीर और पृष्ठभूमि में हरमंदिर साहिब की तस्वीर दिखाई गई। अकाली कार्यकर्ताओं की कुछ कारों पर भी इसी संदेश वाले स्टिकर लगाए गए।बुधवार को मुक्तसर जिले के मलोट में आयोजित अकाली दल की ‘पंजाब बचाओ रैली’ के स्थल पर भी यही थीम देखने को मिली। नांदेड हमले के बाद यह सुखबीर बादल की पहली बड़ी राजनीतिक मौजूदगी होगी। मंगलवार को मीडिया से बातचीत में सुखबीर बादल और हरसिमरत कौर ने उनकी जान बचने के लिए परमात्मा का धन्यवाद किया था। इससे पहले दिसंबर 2024 में अमृतसर स्थित श्री हरमंदिर साहिब के बाहर भी सुखबीर बादल पर जानलेवा हमला करने का प्रयास हुआ था, जिसमें वह बाल-बाल बच गए थे। हालांकि, 2015 के बेअदबी मामलों को लेकर सुखबीर बादल और उनके परिवार को विभिन्न सिख संगठनों तथा राजनीतिक विरोधियों की आलोचना का सामना करना पड़ा है। अगस्त 2024 में अकाल तख्त साहिब ने 2015 के बरगाड़ी बेअदबी मामलों और 2007 में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को दी गई विवादित माफी के मामले में सुखबीर बादल को ‘तनखैया’ घोषित किया था।अगले साल की शुरुआत में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनावों को देखते हुए अकाली दल अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने और मतदाताओं के साथ दोबारा जुड़ने की कोशिश कर रहा है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार, नया अभियान सुखबीर बादल को ऐसे नेता के रूप में पेश करने की कोशिश है, जिन्हें लगातार हमलों के बावजूद ‘गुरु की कृपा से सुरक्षा’ मिली।







