पांचवा आयाम (जसबीर/ सच कीरत सिंह) अयोध्या कनोसा कान्वेंट इंटर कॉलेज में कक्षा 11वीं और 12वीं की छात्राओं के लिए बुधवार को संवाद एवं मार्गदर्शन सत्र आयोजित किया गया। इसमें वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अयोध्या डॉ. गौरव ग्रोवर ने छात्राओं से संवाद करते हुए उच्च शिक्षा, व्यवसायिक शिक्षा, रोजगार, उद्यमिता और लोक सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में करियर की संभावनाओं पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया।
एसएसपी ने कहा कि पिछले एक दशक में विद्यार्थियों के सामने करियर के विकल्प तेजी से बदले हैं। इंजीनियरिंग, मेडिकल और कानून के पारंपरिक विकल्पों के साथ अब खेल, पत्रकारिता, ऑर्गेनिक फार्मिंग, विमानन, उद्योग और एनीमेशन जैसे क्षेत्रों में भी व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने छात्राओं से अपनी रुचि के क्षेत्र के बारे में विश्वसनीय स्रोतों से सकारात्मक और नकारात्मक दोनों पहलुओं की जानकारी जुटाने के बाद ही करियर का निर्णय लेने की अपील की।उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में सफलता के लिए यह जानना जितना जरूरी है कि क्या करना है, उतना ही जरूरी यह समझना भी है कि क्या नहीं करना है। सफलता का कोई शॉर्टकट स्थायी मंजिल नहीं दे सकता, इसलिए विद्यार्थियों को हार्ड वर्क और स्मार्ट वर्क का संतुलन बनाना चाहिए। उन्होंने कठिन परिश्रम को केवल करियर ही नहीं, बल्कि जीवन का भी आधार बताते हुए साधारण गृहणी के रोजमर्रा के कार्यों में छिपे अनुशासन और मेहनत की ओर भी छात्राओं का ध्यान आकर्षित किया।संवाद के दौरान छात्राओं ने उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और करियर से जुड़े सवाल पूछे, जिनका एसएसपी ने विस्तारपूर्वक उत्तर देकर उनका मार्गदर्शन किया। वित्तीय एवं संचार कौशल, साइबर सुरक्षा, नशा मुक्ति, तनाव प्रबंधन और आत्मविश्वास विकास जैसे विषयों पर भी छात्राओं को सकारात्मक परामर्श दिया गया।कार्यक्रम में जिला विद्यालय निरीक्षक, विद्यालय के प्रधानाचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर का संदेश हर विद्यार्थी के भीतर अपनी एक अलग संभावना होती है, जरूरत सिर्फ उसे पहचानने की है।कैरियर का चुनाव भीड़ देखकर नहीं, अपनी रुचि, क्षमता और सही जानकारी के आधार पर करेंअसफलता मंजिल का अंत नहीं, बल्कि स्वयं को और बेहतर बनाने का अवसर है।मेहनत का कोई विकल्प नहीं और शॉर्टकट कभी स्थायी सफलता की गारंटी नहीं देता।ज्ञान के साथ अनुशासन, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है।आज की छात्राएं केवल अपना भविष्य नहीं गढ़ेंगी, बल्कि परिवार, समाज और देश के भविष्य को भी नई दिशा देंगी।”
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