पंचकूला (दिव्या राणा ) :साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही पंचकूला पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में लंबित साइबर अपराध मामलों के त्वरित निपटारे के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत साइबर क्राइम थाना सेक्टर-20 पंचकूला की टीम ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए डिजिटल अरेस्ट के नाम पर बुजुर्ग महिला से लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है।
साइबर थाना प्रभारी युद्धवीर सिंह के अनुसार, पंचकूला निवासी बुजुर्ग महिला ने साइबर क्राइम पोर्टल के माध्यम से एक शिकायत दर्ज करवाई थी। पीड़िता ने बताया कि अपराधियों ने उनके मोबाइल पर कॉल कर खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का फर्जी अधिकारी बताकर डराया कि उनके नाम से ईरान भेजे जा रहे एक पार्सल में ड्रग्स, फर्जी पासपोर्ट और अवैध कार्ड मिले हैं। इसके बाद मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर आरोपियों ने महिला को कई दिनों तक घर के एक कमरे में डिजिटल अरेस्ट रखा। इस दौरान लोक-लाज और जेल जाने के डर से घबराई बुजुर्ग महिला से झांसा देकर अलग-अलग संदिग्ध बैंक खातों में कुल 16 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह: हमारी जांच में सामने आया कि ठगी गई रकम में से 5 लाख रुपये बीकानेर निवासी गोपाल सारन के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया खाते में ट्रांसफर हुई थी। यह बैंक खाता पैसों के लालच में प्रमोद गोदारा को बेचा था। इसके बाद हमारी साइबर क्राइम थाना टीम ने जाल बिछाकर आरोपी गोपाल सारन (उम्र 26 वर्ष) और सह-आरोपी प्रमोद गोदारा (उम्र 23 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। अब गिरोह के फरार मुख्य सरगना और अन्य संदिग्ध खाताधारकों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।







