पंजाब कांग्रेस एससी विभाग ने राहुल गांधी के खिलाफ बदले की भावना से दर्ज एफआईआर के विरोध में किया प्रदर्शन

चंडीगढ़, (तानिया रोहिल्ला): पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के एससी विभाग ने आज विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा जातिगत भेदभाव और दलितों पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाने वालों को चुप कराने के लिए बदले की राजनीति कर रही है।पंजाब कांग्रेस भवन में प्रदर्शन को संबोधित करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व पंजाब मंत्री राज कुमार वेरका ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा बांटने वाली और नफरत की राजनीति कर रही है तथा बाबा साहेब डॉ. बी. आर. अंबेडकर द्वारा स्थापित संवैधानिक मूल्यों को कमजोर करने का प्रयास कर रही है।वेरका ने कहा कि राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर भाजपा की बदले की राजनीति और डराने-धमकाने की रणनीति का स्पष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा, “जातिगत भेदभाव को बढ़ावा देने और दलितों की गरिमा का अपमान करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय, भाजपा सरकार ने अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने वाले राहुल गांधी को ही निशाना बनाया है।”उन्होंने कहा कि हाल ही में हल्द्वानी में हुई घटना ने भाजपा और आरएसएस की दलितों के प्रति मानसिकता को उजागर किया है। कांग्रेस अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा एक जनसभा को संबोधित करने के बाद कथित तौर पर उस स्थान पर ‘शुद्धिकरण’ की रस्म की गई, केवल इसलिए क्योंकि वहां एक दलित नेता ने जनसभा को संबोधित किया था।वेरका ने कहा, “यह केवल किसी एक व्यक्ति या समुदाय का अपमान नहीं है, बल्कि यह बाबा साहेब अंबेडकर, संविधान और हमारे लोकतंत्र में निहित समानता के सिद्धांत का अपमान है।”उन्होंने इस बात पर गंभीर चिंता व्यक्त की कि घटना की गंभीरता के बावजूद कथित रूप से इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इसके बजाय, राहुल गांधी को निशाना बनाया गया, जिन्होंने इस मुद्दे को मजबूती से उठाया और जवाबदेही की मांग की।वेरका ने कहा कि भाजपा दलितों, महिलाओं, ओबीसी और अल्पसंख्यकों को विभाजनकारी और खतरनाक राजनीति के माध्यम से व्यवस्थित रूप से निशाना बना रही है। उन्होंने कहा कि जिन प्रतिगामी सामाजिक विचारधाराओं ने सदियों तक दलितों और महिलाओं को समान अधिकारों और सम्मान से वंचित रखा, उनके विपरीत बाबा साहेब डॉ. बी. आर. अंबेडकर ने भारत को ऐसा संविधान दिया, जो प्रत्येक नागरिक के लिए समानता, न्याय, स्वतंत्रता और गरिमा की गारंटी देता है।उन्होंने कहा, “बाबा साहेब अंबेडकर का संविधान हजारों वर्षों के शोषण और भेदभाव के खिलाफ एक मरहम था। आज भाजपा को जवाब देना चाहिए कि कथित तौर पर जातिगत भेदभाव करने वालों को संरक्षण क्यों दिया जा रहा है, जबकि राहुल गांधी को ऐसे अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने के लिए निशाना बनाया जा रहा है।”भाजपा के दोहरे मापदंडों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए वेरका ने कहा कि भाजपा नेताओं ने पहले निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही थी, लेकिन भेदभावपूर्ण कृत्य करने के आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई दिखाई नहीं दी। उन्होंने कहा, “दूसरी ओर, विपक्ष के नेता के खिलाफ आवाज उठाने के लिए एफआईआर दर्ज कर दी गई। यह भाजपा की बदले की राजनीति को पूरी तरह उजागर करता है।”वेरका ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ऐसी रणनीतियों से कभी डरने वाली नहीं है। उन्होंने कहा, “कांग्रेस पार्टी ब्रिटिश साम्राज्य के सामने नहीं झुकी थी और भाजपा की सस्ती डराने-धमकाने और राजनीतिक बदले की राजनीति के आगे भी चुप नहीं बैठेगी।”पंजाब कांग्रेस के एससी विभाग ने संविधान की रक्षा तथा अनुसूचित जातियों और समाज के अन्य वंचित वर्गों के अधिकारों एवं सम्मान की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। पार्टी ने कहा कि वह जातिगत भेदभाव, अन्याय और विपक्ष की आवाज को दबाने के किसी भी प्रयास के खिलाफ सड़कों पर और लोकतांत्रिक संस्थाओं के भीतर अपना संघर्ष जारी रखेगी।कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस ली जाए और जातिगत भेदभाव तथा अनुसूचित जाति समुदाय की गरिमा का अपमान करने वाले किसी भी कृत्य के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

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