पीएम-सेटू योजना के अंतर्गत राज्य संचालन समिति की प्रथम बैठक मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित

चंडीगढ़ (राकेश मिश्रा):प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई (पीएम-सेटू) योजना के अंतर्गत चंडीगढ़ क्लस्टर की राज्य संचालन समिति (स्टेट स्टीयरिंग कमेटी) की प्रथम बैठक आज यू.टी. चंडीगढ़ के मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद, आईएएस, की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में योजना के कार्यान्वयन की रूपरेखा की समीक्षा की गई तथा उद्योग आधारित कौशल शिक्षा को सुदृढ़ करने और विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण के अनुरूप भविष्य के लिए सक्षम कार्यबल तैयार करने संबंधी विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया।बैठक में वित्त सचिव दीपरवा लाकड़ा, आईएएस, सचिव, तकनीकी शिक्षा, यू.टी. चंडीगढ़, सुश्री प्रेरणा पुरी, आईएएस, राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) के प्रतिनिधि, उद्योग जगत के प्रतिनिधि तथा राज्य संचालन समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।तकनीकी शिक्षा निदेशक एवं चंडीगढ़ स्किल डेवलपमेंट मिशन (सीएसडीएम) की मिशन निदेशक डॉ. पालिका अरोड़ा, पीसीएस, ने पीएम-सेटू योजना पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने चंडीगढ़ क्लस्टर के लिए कार्यान्वयन रणनीति तथा एंकर इंडस्ट्री पार्टनर के चयन की प्रगति से समिति को अवगत कराया।विस्तृत विचार-विमर्श के उपरांत राज्य संचालन समिति ने एंकर इंडस्ट्री पार्टनर के चयन हेतु पात्रता मानदंडों में संशोधन को स्वीकृति प्रदान की। स्वीकृत संशोधनों में न्यूनतम वार्षिक टर्नओवर एवं कर्मचारी संख्या संबंधी शर्तों का युक्तिकरण, संयुक्त रूप से बोली प्रक्रिया में भागीदारी के लिए अनुमेय कंसोर्टियम के आकार में वृद्धि तथा उद्योगों की व्यापक भागीदारी को प्रोत्साहित करने हेतु अन्य सक्षम प्रावधान शामिल हैं। संशोधित पात्रता मानदंडों से अधिक संख्या में सक्षम उद्योग भागीदारों की भागीदारी सुनिश्चित होने तथा योजना के समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन में सहायता मिलने की अपेक्षा है।मुख्य सचिव ने योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए सरकार और उद्योग जगत के बीच घनिष्ठ सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यह पहल चंडीगढ़ के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को आधुनिक अवसंरचना, उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम, उन्नत प्रशिक्षण सुविधाओं तथा मजबूत उद्योग सहभागिता से युक्त उत्कृष्टता केंद्रों के रूप में विकसित करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह योजना युवाओं को उद्योगोन्मुख कौशल प्रदान कर उनकी रोजगार क्षमता को बढ़ाएगी तथा उन्हें उभरते रोजगार अवसरों के लिए तैयार करेगी।पीएम-सेटू भारत सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसका उद्देश्य उद्योगों की सक्रिय भागीदारी से औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों का आधुनिकीकरण करना, कौशल शिक्षा को सुदृढ़ बनाना तथा गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और सतत रोजगार के लिए एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना है।

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