पंचकूला (ललित):शिरडी साईं सेवा समाज, पंचकूला द्वारा प्रत्येक वीरवार को आयोजित किए जाने वाले निशुल्क लंगर में इस बार विशेष अवसर देखने को मिला। हरियाणा के मुख्यमंत्री के OSD राकेश संधू एवं PA सौरव यादव ने लंगर स्थल पर पहुंचकर स्वयं अपने हाथों से श्रद्धालुओं और जरूरतमंद लोगों को भोजन परोसा तथा सेवा कार्य में भाग लिया।शिरडी साईं सेवा समाज पिछले कई वर्षों से मानव सेवा को अपना धर्म मानते हुए प्रत्येक वीरवार को निशुल्क लंगर का आयोजन करता आ रहा है। इस सेवा कार्य में समाजसेवी अनिल थापर पिछले लगभग 35 वर्षों से लगातार तन-मन और समर्पण के साथ अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनका उद्देश्य यही रहा है कि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति भूखा न रहे और समाज में सेवा, सहयोग एवं मानवता की भावना लगातार मजबूत होती रहे।लंगर सेवा के दौरान मुख्यमंत्री के OSD राकेश संधू और PA सौरव यादव ने श्रद्धालुओं को अपने हाथों से भोजन परोसकर सेवा का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति की निस्वार्थ सेवा करना सबसे बड़ा पुण्य है और ऐसे सामाजिक कार्य समाज को जोड़ने का काम करते हैं।इस अवसर पर राकेश संधू ने कहा कि आज उनके लिए यह सौभाग्य का विषय है कि उन्हें पंचकूला आकर शिरडी साईं सेवा समाज के साथ लंगर सेवा करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि समाज द्वारा वर्षों से लगातार किया जा रहा यह सेवा कार्य वास्तव में प्रेरणादायक है। उन्होंने विशेष रूप से समाजसेवी अनिल थापर और उनकी पूरी टीम का धन्यवाद करते हुए कहा कि ऐसे लोग समाज में मानवता की मिसाल कायम कर रहे हैं।मुख्यमंत्री के PA सौरव यादव ने भी कहा कि सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं होता। उन्होंने कहा कि जब समाज के लोग मिलकर जरूरतमंदों की सहायता करते हैं, तभी एक मजबूत और संवेदनशील समाज का निर्माण होता है। उन्होंने शिरडी साईं सेवा समाज के सभी सदस्यों की सराहना करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के सेवा कार्य निरंतर जारी रखने की शुभकामनाएं दीं।समाजसेवी अनिल थापर ने दोनों अतिथियों का स्वागत करते हुए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शिरडी साईं सेवा समाज का उद्देश्य केवल भोजन कराना ही नहीं, बल्कि समाज में सेवा, प्रेम, भाईचारे और मानवता का संदेश देना भी है। उन्होंने कहा कि जब जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी स्वयं सेवा कार्य में भाग लेते हैं तो इससे समाज के अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिलती है।लंगर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, समाजसेवियों एवं स्थानीय नागरिकों ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे कार्यक्रम का माहौल श्रद्धा, सेवा और मानवता की भावना से ओत-प्रोत रहा।







