पांचवा आयाम ( जसबीर/ सच कीरत सिंह):अयोध्या:देश के विभाजन की त्रासदी में अपने घर-परिवार, रिश्ते और जीवन की नींव खोने वाले लाखों लोगों की स्मृति को नमन करते हुए जनपद में 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस विविध जनजागरूकता एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रमों के साथ मनाया जाएगा। शासन के निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य विशेष रूप से युवा पीढ़ी को विभाजन की पीड़ा, विस्थापन की वेदना, मानवता पर पड़े उसके गहरे घाव और राष्ट्र की एकता के महत्व से परिचित कराना है।
जिलाधिकारी ने कहा कि विभाजन केवल सीमाओं का बंटवारा नहीं था, बल्कि अनगिनत परिवारों के सपनों, रिश्तों और जीवन का बिखराव भी था। बीते कल की यह वेदना आने वाली पीढ़ियों के लिए राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव और मानवीय मूल्यों को सुदृढ़ करने की प्रेरणा बने, यही विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का मूल संदेश है। उन्होंने सभी शिक्षण संस्थानों एवं सामाजिक संगठनों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की।उन्होंने बताया कि 14 अगस्त को जनपद के विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों एवं सार्वजनिक संस्थानों में व्याख्यान, परिचर्चा और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। छात्र-छात्राओं को माईगव (MyGov) पोर्टल पर आयोजित राष्ट्रीय ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे वे विभाजन के इतिहास और उससे मिलने वाली सीख को समझ सकें।
विद्यालयों में भारत-पाकिस्तान विभाजन विभीषिका पर आधारित फिल्मों एवं डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन कराया जाएगा। साथ ही भारत सरकार द्वारा तैयार की गई विषयवस्तु पर आधारित प्रदर्शनियों का आयोजन होगा। विभिन्न सरकारी एवं गैर-सरकारी संगठनों के सहयोग से विभाजन पर आधारित नाटकों का मंचन और फिल्मों का प्रदर्शन भी किया जाएगा। इन कार्यक्रमों के लिए नाटकों की स्क्रिप्ट एवं फिल्मों की सामग्री अमृत काल पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई है। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को कार्यक्रमों का प्रभावी एवं गरिमापूर्ण आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।







