आरोपी लोगों को सरकारी योजनाओं का लालच देकर बैंक खाते खुलवाकर साइबर फ्रॉड की रकम ट्रांसफर करने के लिए करता था इस्तेमाल
पंचकूला/ 25 मई:- पंचकूला पुलिस की साइबर क्राइम थाना टीम ने 16 लाख 30 हजार के साइबर फ्रॉड मामले में कार्रवाई करते हुए आठवें आरोपी रोहित दीप सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि वह गांव के लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का लालच देकर उनके बैंक खाते खुलवाता था और फिर बिना खाताधारकों को पूरी जानकारी दिए इन खातों का इस्तेमाल साइबर फ्रॉड की रकम ट्रांसफर करने के लिए करता था। पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर इन खातों को साइबर ठगी गिरोह के लिए इस्तेमाल करवाता था और बदले में कमीशन प्राप्त करता था।
यह मामला एक बुजुर्ग से शेयर मार्केट और आईपीओ में भारी मुनाफे का झांसा देकर करीब 16 लाख 30 हजार रुपये की ठगी से जुड़ा है। शिकायतकर्ता को व्हाट्सएप ग्रुप, फर्जी कस्टमर सर्विस लिंक और नकली निवेश एप के माध्यम से भरोसे में लेकर अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करवाई गई थी। बाद में जब पीड़ित ने अपनी रकम निकालने की कोशिश की तो उसे बताया गया कि वह लाभ सहित सीमित राशि ही निकाल सकता है, जिसके बाद ठगी का खुलासा हुआ। उसके बाद यह मामला 20 नवंबर 2025 को साइबर क्राइम थाना में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया था।
जांच के दौरान साइबर क्राइम टीम ने थाना प्रभारी युद्धवीर सिंह के नेतृत्व में विभिन्न राज्यों में सक्रिय संदिग्धों की कड़ियों को खंगालते हुए कई स्तरों पर कार्रवाई की। इसी जांच में 7 आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था, जिसमें से कुछ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में पेश की जा चुकी है। मामलें की जांच एएसआई रविन्द्र कुमार द्वारा की जा रही है।
डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह: हमारी टीम ने तकनीकी जांच के आधार पर 24 मई को अमृतसर से रोहित दीप सिंह को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह खाताधारकों को सरकारी योजनाओं का फायदा दिलाने का लालच देकर उनके बैंक खाते खुलवाता था और बाद में इन खातों को अपने साथियों के जरिए साइबर फ्रॉड की रकम ट्रांसफर करने के लिए इस्तेमाल करवाता था। इसके बदले वह कमीशन प्राप्त करता था। आरोपी को आज न्यायिक हिरासत भेज दिया गया है। इस पूरे साइबर ठगी नेटवर्क में कई अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग राज्यों में लगातार छापेमारी और तकनीकी जांच जारी है।
साथ ही लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, फर्जी निवेश योजना, शेयर मार्केट में अत्यधिक मुनाफे के लालच, व्हाट्सएप ग्रुप, संदिग्ध लिंक या अनधिकृत मोबाइल एप पर भरोसा न करें और किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या पुलिस से संपर्क करें।







