पांचवा आयाम/ललित
“एक बच्चे की शिक्षा का समर्थन करें, आइए बदलाव की शुरुआत करें” के प्रेरणादायक संदेश को साकार करते हुए पंचकूला में संचालित साईं की पाठशाला में आज एक भावुक और प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर केरल समाजम (रजि.), चंडीगढ़ के प्रतिनिधियों ने पाठशाला में अध्ययनरत करीब 100 जरूरतमंद बच्चों को स्कूल बैग, कॉपियां, पेन, पेंसिल, रंग, स्टेशनरी तथा अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्री वितरित की।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। अतिथियों ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें मन लगाकर पढ़ाई करने, बड़े सपने देखने और जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
केरल समाजम के सदस्यों ने कहा कि अनिल थापर पिछले कई वर्षों से समाज के आर्थिक रूप से कमजोर और स्लम क्षेत्रों के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निस्वार्थ भाव से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि साईं की पाठशाला केवल एक शिक्षण केंद्र नहीं, बल्कि उन बच्चों के सपनों को नई उड़ान देने का माध्यम बन चुकी है, जिन्हें कभी शिक्षा तक पहुंचना भी मुश्किल लगता था।
उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े शिक्षण संस्थान भी जिस समर्पण और सेवा भावना के साथ समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े बच्चों तक नहीं पहुंच पाते, उस कार्य को अनिल थापर अपनी टीम के साथ निरंतर कर रहे हैं। शिक्षा के माध्यम से बच्चों का भविष्य संवारने का उनका प्रयास वास्तव में प्रेरणादायक है।
केरल समाजम के प्रतिनिधियों ने कहा कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ की भावना को भी साईं की पाठशाला मजबूती से आगे बढ़ा रही है। यहां बेटियों को भी समान अवसर देकर उन्हें आत्मनिर्भर और शिक्षित बनाने का कार्य किया जा रहा है। उनका मानना है कि यदि हर समाजसेवी संस्था इस प्रकार एक-एक बच्चे की शिक्षा का दायित्व उठाए तो देश में शिक्षा का स्तर और अधिक मजबूत हो सकता है।
उन्होंने कहा कि आज साईं की पाठशाला का नाम केवल हरियाणा तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों तक इसकी सकारात्मक पहचान बन चुकी है। अनिल थापर का सेवा कार्य समाज के लिए एक मिसाल है और अनेक लोगों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे आने के लिए प्रेरित कर रहा है।
इस अवसर पर केरल समाजम के सदस्यों ने हरियाणा सरकार से भी आग्रह किया कि साईं की पाठशाला के लिए उपयुक्त भूमि उपलब्ध कराई जाए, ताकि यहां एक स्थायी और आधुनिक विद्यालय का निर्माण हो सके। उनका कहना था कि यदि सरकार का सहयोग मिले तो हजारों जरूरतमंद बच्चों को बेहतर शिक्षा, आधुनिक सुविधाएं और उज्ज्वल भविष्य प्रदान किया जा सकता है।
कार्यक्रम के अंत में अनिल थापर ने केरल समाजम (रजि.), चंडीगढ़ के सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के सहयोग से ही शिक्षा का यह अभियान लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि उनका संकल्प है कि कोई भी बच्चा केवल आर्थिक अभाव के कारण शिक्षा से वंचित न रहे। आने वाले समय में भी साईं की पाठशाला जरूरतमंद बच्चों तक शिक्षा, संस्कार और बेहतर भविष्य की रोशनी पहुंचाने का कार्य निरंतर करती रहेगी।
कार्यक्रम का समापन बच्चों की मुस्कान, शिक्षा के प्रति नए उत्साह और समाज को शिक्षा के माध्यम से सशक्त बनाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।







