पांचवा आयाम ( जसबीर सच कीरत) अयोध्या कामता प्रसाद सुंदर लाल साकेत स्नातकोत्तर महाविद्यालय, अयोध्या में सोमवार, 12 अक्टूबर को ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज प्रोग्राम एवं करियर काउंसलिंग सत्र’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को आत्मविश्वास, नवाचार और सामाजिक उत्तरदायित्व के माध्यम से जीवन में सार्थक बदलाव लाने की प्रेरणा मिली। मुख्य वक्ता श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र, अयोध्या की उपजिलाधिकारी सुश्री वंदना पाण्डेय ने विद्यार्थियों से अपनी क्षमताओं को पहचानने और दृढ़ संकल्प के साथ लक्ष्य की ओर बढ़ने का आह्वान किया।उन्होंने कहा, “उठें, अपनी शक्ति को पहचानें और स्वयं पर विश्वास करते हुए पूरे दृढ़ संकल्प के साथ लक्ष्य की प्राप्ति हेतु जुट जाएं, तो सफलता अवश्यंभावी है।” विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्होंने राष्ट्र, समाज और मानवता के प्रति अपने दायित्वों को समझने तथा अपनी प्रतिभा और नवाचार के जरिए सकारात्मक परिवर्तन लाने की अपील की। साकेत महाविद्यालय में उनके प्रथम आगमन पर विशेष रूप से महिला प्राध्यापिकाओं में उत्साह देखने को मिला।महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. दानपति तिवारी ने मुख्य वक्ता का स्वागत करते हुए ‘सेवा संकल्प अभियान’ के सफल आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने सांस्कृतिक परिषद के अध्यक्ष डॉ. असीम त्रिपाठी सहित परिषद के सदस्यों को बधाई दी। प्राचार्य ने ‘सेवा परमो धर्मः’ के मूल भाव की व्याख्या करते हुए कहा कि सेवा केवल एक कार्य नहीं, बल्कि मानव जीवन को सार्थक बनाने वाला मूल्य है। समाज के प्रति संवेदनशीलता और दूसरों के कल्याण की भावना ही शिक्षा को वास्तविक अर्थ प्रदान करती है।सेवा संकल्प अभियान समिति’ के मंडल सदस्य डॉ. असीम त्रिपाठी ने बीते एक माह में महाविद्यालय में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों एवं प्रतियोगिताओं का विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने अभियान के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियां विद्यार्थियों में सेवा, रचनात्मकता, नवाचार और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।महाविद्यालय के मुख्य नियन्ता डॉ. बी.के. सिंह, छात्र कल्याण अधिकारी डॉ. रामलाल विश्वकर्मा तथा उप नोडल अधिकारी डॉ. अखिलेश कुमार ने विद्यार्थियों को अभियान में सक्रिय सहभागिता के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सामाजिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने और अपनी क्षमताओं का उपयोग समाजहित में करने के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम का विशेष आकर्षण विगत एक माह में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता छात्र-छात्राओं का सम्मान रहा। विजेताओं को प्रमाणपत्र प्रदान कर उनकी उपलब्धियों की सराहना की गई। इस पहल ने विद्यार्थियों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने और उनमें रचनात्मक गतिविधियों के प्रति उत्साह बढ़ाने का संदेश दिया।कार्यक्रम का संचालन सांस्कृतिक परिषद की उपाध्यक्ष डॉ. नीता पाण्डेय ने किया, जबकि परिषद की सचिव डॉ. सुरभि पाल ने धन्यवाद ज्ञापित किया।इस अवसर पर डॉ. निधि मिश्रा, डॉ. सरला शुक्ला, डॉ. नीलम, डॉ. ऋचा पाठक, मृणालिनी, डॉ. पल्लवी, डॉ. बुशरा खातून, डॉ. रीता दूबे, अम्बरीष कुमार श्रीवास्तव, डॉ. रमेंद्र कुमार द्विवेदी, सुमधुर, संतराम, पंकज कुमार पाण्डेय सहित महाविद्यालय के अनेक शिक्षक-कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।






