हरियाणा (दिव्या राणा ):आशा वर्कर यूनियन हरियाणा रजि. 1919 ने सरकार द्वारा आशा वर्करों की जायज मांगों की लगातार अनदेखी किए जाने पर गहरा विरोध व्यक्त करते हुए आशा वर्करों का एक प्रतिनिधि मंडल पंचकुला में डायरेक्टर विजेंद्र राव से मिला और अपना ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि यदि हमारी मांगों पर शीघ्र ध्यान नहीं दिया गया तो आशा वर्कर 21 जुलाई को पंचकुला एनएचएम कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन करने को लेकर मजबूर होंगी। इस मौके पर आशा वर्कर यूनियन की राज्य अध्यक्ष सुनीता, राज्य सचिव रानी कुरुक्षेत्र जिला प्रधान पिंकी, पंचकुला जिला प्रधान वंदना उपस्थित रहीं। आशा वर्कर यूनियन ने स्पष्ट किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ होने के बावजूद आशा वर्करों को उनका हक नहीं मिल रहा है। महंगाई के इस दौर में उन्हें केवल प्रोत्साहन राशि पर निर्भर रहना पड़ता है जो उनके काम के हिसाब से बहुत कम है। आशा वर्कर यूनियन राज्य अध्यक्ष सुनीता का कहना कि हमारी मुख्य मांगे सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए, न्यूनतम मासिक वेतन तीस हजार रुपए सुनिश्चित किया जाए, सभी लंबित प्रोत्साहन राशियों का तुरंत भुगतान किया जाए, रिटायरमेंट पर उचित पेंशन और एकमुश्त आर्थिक लाभ दिया जाए, ड्यूटी के दौरान दुर्घटना होने पर स्वास्थ्य बीमा और मुआवजा सुनिश्चित किया जाए आदि कई और मांगें हैं। उन्होंने कहा कि सरकार हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। आशा वर्कर यूनियन ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा यदि अल्टीमेटम की तारीख से पहले हमारी मांगों पर कोई ठोस सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेश की सभी आशा वर्कर 21 जुलाई को पंचकुला में विरोध प्रदर्शन करने पर विवश होंगी। इसकी पूरी ज़िम्मेदारी संबंधित विभाग और राज्य सरकार की होगी।





