पंचकूला (दिव्या राणा): हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा ने परिवहन मंत्री द्वारा 25 जुलाई 2026 को दिए गए आश्वासन पर अमल नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। मोर्चा ने परिवहन मंत्री को ज्ञापन एवं नोटिस भेजकर कहा है कि यदि कर्मचारियों की मांगों पर जल्द बातचीत कर समाधान नहीं किया गया तो 5 सितंबर 2026 को प्रदेश के सभी रोडवेज डिपो में सांकेतिक राज्यव्यापी हड़ताल की जाएगी। इसके बाद आंदोलन को और तेज किया जाएगा।मोर्चा के अनुसार 25 जुलाई को परिवहन मंत्री के आवास पर न्याय मार्च के दौरान कर्मचारियों को बातचीत के लिए आमंत्रित करने और उनकी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद 15 दिन से अधिक समय बीत जाने के बाद भी वार्ता के लिए कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ। इससे कर्मचारियों में रोष है। मोर्चा ने सरकार से 25 जुलाई को किए गए आश्वासन को पूरा करते हुए तत्काल बातचीत के लिए बुलाने की मांग की है।मोर्चा ने ज्ञापन में 15 प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें परिचालकों को भी चालकों की तरह पदोन्नति का लाभ देने, खाली पड़े पदों पर नई भर्ती करने, 2016 में भर्ती चालकों को नियुक्ति तिथि से पक्का करने तथा चालकों, परिचालकों, उपनिरीक्षकों, निरीक्षकों और कर्मशाला कर्मचारियों को अर्जित अवकाश पूर्व की भांति देने की मांग शामिल है।इसके अलावा 2018 में भर्ती कर्मशाला कर्मचारियों को तकनीकी पदों पर प्रमोशन देने, सभी कर्मचारियों को पूर्व की भांति कैलेंडर हॉलिडे देने, परिवहन विभाग में लागू एचकेआरएन व्यवस्था के तहत परिचालकों एवं हेल्परों को पक्का करने तथा निजीकरण पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है। मोर्चा ने इलेक्ट्रिक बसों को पूर्ण सरकारीकरण के तहत परिवहन बेड़े में शामिल करने की भी मांग उठाई है।ज्ञापन में अधीक्षक पद पर अनुभव की समय सीमा 12 वर्ष से घटाकर 5 वर्ष करने, कार्यालय में कार्य की अधिकता को देखते हुए सहायकों के पदों की संख्या बढ़ाकर लिपिकों को प्रमोशन देने और टाइप टेस्ट की शर्त हटाने की मांग भी की गई है। कर्मचारियों की ड्यूटी अवधि को लेकर मोर्चा ने चालकों-परिचालकों की आठ घंटे की ड्यूटी लागू करने तथा आठ घंटे से अधिक ड्यूटी लेने पर ओवरटाइम देने की मांग की है।रोडवेज कर्मचारियों ने रात्रि ठहराव के दौरान भत्ता बढ़ाने तथा डीजल-पेट्रोल की तरह रात्रि ठहराव का भुगतान करने का अधिकार महाप्रबंधकों को देने की मांग भी रखी है। वर्ष 1992 से 2004 तक भर्ती कर्मचारियों को नियुक्ति तिथि से पक्का करने, वर्ष 2014 में पुनर्नियुक्त कर्मचारियों को नियुक्ति तिथि से पक्का कर पुरानी पेंशन योजना में शामिल करने और स्टेरिंग फिक्स के स्थान पर वेतनमान देने की मांग की गई है।मोर्चा ने मांग की है कि विभिन्न भत्तों को पूर्व की भांति जारी किया जाए। इसमें धुलाई भत्ता, वर्दी भत्ता, शिक्षा भत्ता, रात्रि ठहराव भत्ता और जूता भत्ता शामिल हैं। इसके साथ ही कर्मशाला कर्मचारियों के रात्रि भत्ते को महंगाई के अनुसार बढ़ाने की मांग की गई है। गुरुग्राम के एचआरईसी कर्मचारियों को हरियाणा रोडवेज का अभिन्न अंग मानते हुए रोडवेज कर्मचारियों के समान लाभ देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।मोर्चा ने पुलिस कर्मचारियों की तर्ज पर परिवहन विभाग के सभी कर्मचारियों एवं अधिकारियों को एक माह के वेतन के समान बोनस देने और बंद किए गए धुलाई भत्ते को दोबारा शुरू करने की मांग की है।सुरक्षा को लेकर भी उठाई मांग: कर्मचारियों ने ड्यूटी के दौरान मार्ग में असामाजिक तत्वों द्वारा चालकों और परिचालकों से झगड़ा करने तथा मारपीट की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सख्त प्रावधान करने की मांग की है। मोर्चा ने कहा कि कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना विभाग और सरकार की जिम्मेदारी है।हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार समय रहते बातचीत के लिए आमंत्रित कर मांगों का समाधान नहीं करती है, तो 5 सितंबर को सांकेतिक राज्यव्यापी हड़ताल की जाएगी। इसके बाद आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी गई है।







