पांचवा आयाम ( जसबीर/ सच कीरत सिंह) अयोध्या आगामी दुर्गा प्रतिमा विसर्जन कार्यक्रम को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से 16 अक्टूबर को रुदौली सर्किल में प्रशासनिक अधिकारियों ने विसर्जन मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। उपजिलाधिकारी रुदौली, क्षेत्राधिकारी रुदौली समेत संबंधित विभागों के अधिकारियों और आयोजन समितियों के प्रतिनिधियों ने दोपहिया वाहनों से कस्बा रुदौली से थाना बाबा बाजार क्षेत्र के रेछ घाट तक पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।निरीक्षण के दौरान सुरक्षा प्रबंधों, यातायात व्यवस्था, बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था तथा विसर्जन से जुड़ी अन्य आवश्यक तैयारियों की बारीकी से समीक्षा की गई। अधिकारियों ने संबंधित विभागों और आयोजकों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि विसर्जन मार्ग पर व्यवस्थाएं समय से दुरुस्त रखी जाएं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा पर विशेष जोर दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए मार्ग की व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने पर जोर दिया गया। यातायात के निर्बाध संचालन, संवेदनशील स्थानों पर आवश्यक सुरक्षा प्रबंध और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।प्रशासनिक स्तर पर की जा रही तैयारियों का उद्देश्य विसर्जन यात्रा को व्यवस्थित बनाए रखना और किसी भी संभावित अव्यवस्था को समय रहते रोकना है। संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने विभाग से जुड़ी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करने के निर्देश दिए गए, जिससे आयोजन के दौरान आपसी समन्वय बना रहे।शांति, सौहार्द और आस्था के साथ मनाएं पर्वदुर्गा प्रतिमा विसर्जन श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक आस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है। ऐसे में प्रशासन का प्रयास है कि सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हों और क्षेत्र में आपसी सौहार्द कायम रहे।प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं और आयोजन समितियों से अपील है कि निर्धारित व्यवस्थाओं का पालन करें, यातायात संचालन में सहयोग दें और सुरक्षा संबंधी निर्देशों को गंभीरता से लें। सामूहिक सहयोग, अनुशासन और सतर्कता से विसर्जन कार्यक्रम को सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण बनाया जा सकता है।रुदौली क्षेत्र में विसर्जन मार्ग का यह निरीक्षण आगामी आयोजन की तैयारियों को व्यवस्थित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अधिकारियों के दिशा-निर्देशों के अनुरूप व्यवस्थाएं सुनिश्चित होने से श्रद्धालुओं को सुविधा मिलने और कार्यक्रम को सकुशल संपन्न कराने में मदद मिलेगी।






