भोरंज विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत जाहू को देश के मानचित्र पर एक नई और ऐतिहासिक पहचान मिली है। यह जानकारी साझा करते हुए भोरंज विधायक सुरेश कुमार ने कहा कि मुझे यह साझा करते हुए अत्यंत गर्व हो रहा है कि भारत का पहला राज्य-समर्थित बायोचार कार्यक्रम हमारे हमीरपुर जिले के जाहू और नेरी में विकसित किया जा रहा है। इस अभिनव परियोजना के तहत जंगलों में आग का कारण बनने वाले बायोमास (जैसे चील की पत्तियां, लालटेन और बांस) को पर्यावरण के अनुकूल कार्बन-समृद्ध बायोचार में बदला जा रहा है, जो पर्यावरण संतुलन और भूमि की उपजाऊ क्षमता को बढ़ाने में एक क्रांतिकारी कदम साबित होगा।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के ‘हरित हिमाचल’ और आत्मनिर्भर ग्रामीण आर्थिकी के विज़न को धरातल पर उतारते हुए यह संयंत्र स्थानीय लोगों के लिए आजीविका का एक बड़ा साधन बनेगा। इसके अंतर्गत स्थानीय निवासियों से ₹2.5 प्रति किलोग्राम की दर से कच्चा बायोमास खरीदा जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। हम भोरंज को पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में एक आदर्श मॉडल बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।






