पांचवा आयाम अयोध्या ( जसबीर/ सच कीरत सिंह ):साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में जनपद की साइबर क्राइम पुलिस ने दो मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए कुल ₹48,250 की धनराशि पीड़ितों को वापस कराई। यह कार्रवाई अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) एवं क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम के नेतृत्व में चलाए जा रहे साइबर अपराध नियंत्रण अभियान के तहत की गई।पहले मामले में अज्ञात व्यक्ति ने रिश्तेदार बनकर मेडिकल इमरजेंसी का झांसा देकर शिकायतकर्ता से साइबर ठगी की थी। साइबर क्राइम पुलिस की सक्रिय कार्रवाई से इस मामले में ₹18,000 वापस कराए गए। वहीं दूसरे मामले में शिकायतकर्ता द्वारा गलती से दूसरे खाते में स्थानांतरित ₹30,250 भी संबंधित व्यक्ति को वापस दिलाए गए। दोनों मामलों में एनसीआरपी पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की गई।अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) ने कहा कि साइबर अपराधों की रोकथाम और पीड़ितों को त्वरित राहत दिलाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि समय पर शिकायत दर्ज होने से धनराशि वापस कराने की संभावना बढ़ जाती है। नागरिकों से अपील की गई कि किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में बिना विलंब 1930 हेल्पलाइन या एनसीआरपी पोर्टल का उपयोग करें।क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम ने कहा कि साइबर अपराधी लगातार नए तरीके अपना रहे हैं, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को डिजिटल लेनदेन के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए। किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक, क्यूआर कोड या ओटीपी साझा करने से बचें। जागरूकता और त्वरित शिकायत ही साइबर अपराध के विरुद्ध सबसे प्रभावी सुरक्षा है।
इस सफलता में प्रभारी निरीक्षक मो. अरशद, कांस्टेबल रविचन्द्र मौर्य तथा कांस्टेबल अतुल मिश्रा की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
अयोध्या पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध कॉल, संदेश या लिंक पर विश्वास न करें। साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन पर सूचना दें अथवा cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं।







