पांचवा आयाम (जसबीर/ सच कीरत सिंह) : अयोध्या कारगिल विजय दिवस की पूर्व संध्या पर इतिहास संकलन समिति, अयोध्या एवं कामता प्रसाद सुन्दरलाल साकेत स्नातकोत्तर महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में “कारगिल विजय की शौर्य गाथा” विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में कारगिल के अमर शहीदों के साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया।
मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त कर्नल सी.पी. सिंह ने कहा कि कारगिल विजय भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस, अनुशासन और सर्वोच्च बलिदान का स्वर्णिम अध्याय है। उन्होंने कहा कि सीमा पर डटे सैनिकों का त्याग ही देश की सुरक्षा और सम्मान की सबसे बड़ी शक्ति है। युवाओं को सैनिकों के जीवन से राष्ट्रभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण की प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने शहीदों के बलिदान को सदैव स्मरण रखने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता राजकुमार दास जी महाराज ने की। विशिष्ट वक्ता डॉ. विक्रमा प्रसाद पाण्डेय तथा प्रो. दानपति तिवारी ने कारगिल विजय दिवस को राष्ट्र के स्वाभिमान, एकता और अखंडता का प्रतीक बताते हुए युवाओं से देशहित को सर्वोपरि रखने का आह्वान किया।
संगोष्ठी में भारतीय सेना की वीरता, रणनीतिक कौशल और शहीदों के सर्वोच्च बलिदान पर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यक्रम का संचालन डॉ. असीम त्रिपाठी ने किया तथा डॉ. आनन्द दूबे ने आभार व्यक्त किया। बड़ी संख्या में प्राध्यापक, एनसीसी कैडेट एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम की जानकारी सह मीडिया प्रभारी डॉ. रामलाल विश्वकर्मा ने दी।







