पांचवा आयाम ( जसबीर/सच कीरत सिंह) अयोध्या बच्चों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला विद्यालय परिवहन यान सुरक्षा समिति की विशेष बैठक गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर में अपर जिलाधिकारी प्रशासन की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में स्कूली वाहनों की फिटनेस, परमिट, निर्धारित आयु सीमा और चालकों के स्वास्थ्य एवं चरित्र सत्यापन को लेकर विद्यालय प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए गए।बैठक में ऐसे विद्यालयी वाहनों की जानकारी संबंधित विद्यालय प्रबंधन को दी गई, जिनकी फिटनेस अथवा परमिट की अवधि समाप्त हो चुकी है। निर्देश दिए गए कि ऐसे वाहनों की यथाशीघ्र फिटनेस कराकर उन्हें वैध परमिट से आच्छादित कराया जाए। नियमों की अनदेखी कर बच्चों को ऐसे वाहनों से लाने-ले जाने पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए।अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने स्पष्ट किया कि 15 वर्ष की निर्धारित आयु सीमा पूरी कर चुके वाहनों का संचालन बच्चों को विद्यालय लाने-ले जाने में किसी भी स्थिति में न किया जाए। ऐसे वाहनों की सूची जिला विद्यालय निरीक्षक एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को उपलब्ध कराई गई, ताकि संबंधित विद्यालयों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जा सकें।
विद्यालय प्रबंधन को नियमित रूप से त्रैमासिक बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए गए, ताकि वाहनों के सभी आवश्यक प्रपत्र समय से पूरे कराए जा सकें। साथ ही वाहन चालकों का चरित्र सत्यापन, नेत्र परीक्षण और स्वास्थ्य परीक्षण कराने के निर्देश दिए गए।बैठक में नशे के आदी चालकों से वाहन न चलवाने की कड़ी हिदायत दी गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि चालक की लापरवाही से किसी तरह की दुर्घटना होने पर विद्यालय प्रबंधन की जिम्मेदारी तय होगी। बच्चों की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही को स्वीकार नहीं किया जाएगा।बैठक में 40 विद्यालयों के प्रतिनिधियों के साथ जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, एआरटीओ प्रशासन एवं प्रवर्तन तथा प्रवर्तन विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे। बैठक में विद्यालयी वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और बच्चों के सुरक्षित आवागमन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर विशेष जोर दिया गया। अंत में धन्यवाद ज्ञापित करते हुए बैठक का समापन हुआ।







