“नई राह, नया विश्वास: जनपद न्यायाधीश रणंजय कुमार वर्मा के मार्गदर्शन में डीएलएसए की पहल, किशोरों के पुनर्वास को मिली शिक्षा और कौशल की नई उड़ान”

अयोध्या। पांचवां आयाम (जसबीर/सच कीरत सिंह): हर भटके कदम को मिले नई पहचान, शिक्षा और संस्कार से संवरता है इंसान।”
इसी भावना को साकार करते हुए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों के क्रम में जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अयोध्या रणंजय कुमार वर्मा के मार्गदर्शन में एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रभारी सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं अपर सिविल जज (सीडी)-द्वितीय/एसीजेएम स्वर्णमाला सिंह ने की, जिसमें उप श्रमायुक्त एवं राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) अयोध्या के प्रधानाचार्य सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में राजकीय संप्रेक्षण गृह में निरुद्ध किशोरों के समग्र पुनर्वास, औपचारिक शिक्षा, व्यक्तित्व विकास, तकनीकी दक्षता, स्वास्थ्य सेवाओं तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए रोजगारपरक प्रशिक्षण योजनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। निर्णय लिया गया कि किशोरों को कंप्यूटर हार्डवेयर एवं सॉफ्टवेयर, बेसिक कंप्यूटर, इलेक्ट्रिकल, प्लंबिंग, सिलाई, मोबाइल रिपेयरिंग सहित विभिन्न रोजगारोन्मुख ट्रेडों का प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वे समाज की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक अपना भविष्य बना सकें।
उप श्रमायुक्त को निर्देशित किया गया कि विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं कौशल विकास कार्यक्रमों से इन किशोरों को अधिकतम लाभ दिलाने के लिए प्रभावी समन्वय स्थापित किया जाए। वहीं प्रभारी सचिव स्वर्णमाला सिंह ने राजकीय संप्रेक्षण गृह में छह शिक्षकों की तैनाती सुनिश्चित कराते हुए निरुद्ध किशोरों की नियमित शिक्षा व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया।
बैठक के उपरांत जनपद न्यायाधीश रणंजय कुमार वर्मा ने प्रभारी सचिव स्वर्णमाला सिंह की उपस्थिति में बार एसोसिएशन, फैजाबाद के अध्यक्ष को आम एवं बेल के पौधे भेंट किए। उन्होंने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण की धरोहर नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य की अमूल्य विरासत हैं। उन्होंने अधिक से अधिक फलदार, औषधीय एवं छायादार पौधों के रोपण और संरक्षण का आह्वान करते हुए पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बनाने पर बल दिया।
इस पहल ने एक साथ दो महत्वपूर्ण संदेश दिए—भटके हुए किशोरों को शिक्षा और कौशल के माध्यम से नई दिशा देना तथा प्रकृति संरक्षण के जरिए आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित भविष्य सुनिश्चित करना।

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