डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रीशन डाइटिशियन एवं चाइल्ड केयर मास्टर्स डिग्री इन फूड न्यूट्रिशन एंड डाइटिशियन होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेंड योगा टीचर नॉमिनेटेड फॉर पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार और पंजाब सरकार द्वारा सम्मानित और हिमाचल सरकार द्वारा सम्मानित और लेफ्टिनेंट गवर्नर लद्दाख श्री कविंदर गुप्ता जी द्वारा सम्मानित ने बताया कि हाल ही में हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में एक ऐसी ही दुखद घटना सामने आई थी, जहां एक किसान की मौत बगीचे में जमीन पर गिरे सेब को बिना धोए खाने से हो गई, क्योंकि उस जगह की घास पर तेज रासायनिक स्प्रे किया गया था। किसान को पता नहीं था क्योंकि घास पर स्प्रे बीवी ने किया था और शाम को दारू पीकर वह बाग में निकल गया और वहां नीचे गिरा हुआ से बिना धोए खा लिया“इसके अलावा जमीन पर गिरे फलों को खाने से जुड़े अन्य संभावित खतरे नीचे दिए गए हैं:1. कीटनाशक और रासायनिक छिड़काव (가장 खतरनाक)कारण: बगीचों में कीटों और घास को नष्ट करने के लिए अक्सर पेड़ों और जमीन पर केमिकल स्प्रे किए जाते हैं।जोखिम: गिरे हुए फल इन रसायनों को सोख लेते हैं। इन्हें बिना धोए खाने से शरीर में गंभीर जहर (Poisoning) फैल सकता है, जो जानलेवा साबित होता है。2. फंगस और मायकोटॉक्सिन (Mycotoxins)कारण: जमीन पर गिरने के बाद सेब जल्दी सड़ने लगते हैं और उन पर ‘पटुलिन’ (Patulin) नामक मायकोटॉक्सिन बनाने वाली फंगस लग जाती है.जोखिम: यह टॉक्सिन पेट में गंभीर संक्रमण, उल्टी, डायरिया पैदा कर सकता है और इम्यून सिस्टम को कमजोर करता है.3. बैक्टीरिया का संक्रमण (Bacterial Contamination)कारण: मिट्टी में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया जैसे E. coli या Salmonella जमीन पर गिरे फल के संपर्क में आ जाते हैं।जोखिम: यदि फल का छिलका कहीं से भी कटा या फटा हो, तो ये बैक्टीरिया अंदर चले जाते हैं और गंभीर फूड पॉइजनिंग का कारण बनते हैं।







