ट्रोल-डीजल की बचत और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में हरियाणा ने पेश किया उदाहरण

चंडीगढ़(राज कुमार ):प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पर्यावरण संरक्षण, पेट्रोल-डीजल की बचत तथा स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के आह्वान का सकारात्मक प्रभाव के शुक्रवार को जींद में आयोजित विशाल जनसभा में स्पष्ट रूप से देखने को मिला। रैली में बड़ी संख्या में लोगों ने इलेक्ट्रिक वाहनों (ई-व्हीकल्स) के माध्यम से कार्यक्रम स्थल तक पहुंचकर हरित एवं सतत परिवहन को बढ़ावा दिया।रैली के लिए 155 इलेक्ट्रिक बसों और 311 इलेक्ट्रिक कारों (466 इलेक्ट्रिक वाहनों) का उपयोग किया गया। इनके अलावा, 273 सीएनजी बसों के माध्यम से भी लोग रैली में पहुंचे। ई-वाहनों के सुचारू संचालन एवं चार्जिंग की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए 41 ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए गए, जबकि 6 अतिरिक्त (रिजर्व) चार्जिंग स्टेशन भी उपलब्ध रखे गए। इसके अलावा कुल 91 ईवी चार्जिंग गन (नोजल) की व्यवस्था भी की गई, जिससे वाहनों को निर्बाध रूप से चार्ज किया जा सके।यह पहल न केवल ईंधन की बचत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा, हरित परिवहन और पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों की बढ़ती जागरूकता का भी परिचायक है। बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग यह दर्शाता है कि नागरिक स्वच्छ एवं टिकाऊ परिवहन व्यवस्था को अपनाने के लिए आगे आ रहे हैं।रैली से पूर्व की तैयारियों के दौरान 16 और 17 जुलाई को लगभग 135 इलेक्ट्रिक बसों को ईवी चार्जिंग स्टेशनों पर चार्ज किया गया, जबकि रैली के दौरान लगभग 150 इलेक्ट्रिक कारों ने भी इन चार्जिंग सुविधाओं का लाभ उठाया।जींद की यह रैली केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा, हरित परिवहन और पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज में बढ़ती जागरूकता का भी सशक्त उदाहरण बनी। बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग से यह संदेश गया कि आधुनिक तकनीक और स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन को अपनाकर ईंधन की बचत के साथ-साथ प्रदूषण को भी प्रभावी रूप से कम किया जा सकता है।प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, ग्रीन एनर्जी, हरित परिवहन और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। जींद की यह जनसभा इस बात का प्रमाण है कि आम नागरिक भी इन प्रयासों से प्रेरित होकर पर्यावरण हितैषी जीवनशैली अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। हरियाणा द्वारा इस आयोजन में इलेक्ट्रिक वाहनों के व्यापक उपयोग ने यह संदेश दिया है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चल सकते हैं तथा हरित भविष्य के निर्माण में जनभागीदारी की महत्वपूर्ण भूमिका है।

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