पंचकूला(नेहा पांडेय ): पंचकूला पुलिस ने एचएमटी पिंजौर क्षेत्र में युवक के अपहरण और लूटपाट की वारदात को डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में महज 48 घंटे में सुलझा दिया था। पुलिस मुठभेड़ में घायल हुए दो आरोपियों को सेक्टर-6 स्थित सरकारी अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद गिरफ्तार किया गया। बरवाला चौकी इंचार्ज गुरपाल सिंह द्वारा दोनों आरोपियों को आज अदालत में पेश किया गया।डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता के अनुसार मामले में गिरफ्तार आरोपी योगेश को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि आरोपी दीपेश को एक दिन के पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच के दौरान पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी हथियार कहां से लेकर आया था और क्या वह किसी अन्य वारदात को अंजाम देने की तैयारी में था। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।क्या था मामलामामले की शुरुआत 15 जून 2026 को हुई जब एक युवक ने शिकायत दी कि एचएमटी क्षेत्र से घर लौटते समय कुछ युवकों ने रास्ता पूछने के बहाने उसे रोका, चाकू दिखाकर जबरन गाड़ी में बैठा लिया और कई घंटों तक अलग-अलग स्थानों पर घुमाने के बाद उससे नकदी, मोबाइल फोन और ऑनलाइन भुगतान के जरिए रकम निकलवाई। बाद में उसे बरवाला क्षेत्र में छोड़कर आरोपी फरार हो गए। शिकायत के आधार पर थाना पिंजौर में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
इस मामले में सबसे पहले क्राइम ब्रांच सेक्टर-19 की टीम ने कार्रवाई करते हुए 16 जून को दो आरोपियों वीरेन और आशीष निवासी चरखी दादरी को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद आगे की कार्रवाई में 2 आरोपियों को मुठभेड़ के बाद काबू किया गया था।बता दे मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह द्वारा एसआईटी का गठन किया गया था।







