बिजली क्षेत्र के कर्मचारियों, उपभोक्ताओं एवं ठेका श्रमिकों के हितों की रक्षा हेतु देशव्यापी आंदोलन तेज होगा : सुभाष लांबा

चंडीगढ़,25 मई

इलेक्ट्रिसिटी एम्पलाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया (ईईएफआई) ने बिजली क्षेत्र में प्रस्तावित नीतिगत बदलावों, बिजली (संशोधन) विधेयक, श्रम संहिताओं, कृषि विद्युत व्यवस्थाओं के पृथक्करण तथा कर्मचारियों के अधिकारों पर बढ़ते हमलों के विरुद्ध व्यापक जन-जागरूकता एवं संघर्ष कार्यक्रम चलाने का निर्णय लिया है। यह बीटीआर भवन,नई दिल्ली में आयोजित बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता ईईएफआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष ई.करीम ने की। राष्ट्रीय महासचिव सुदीप दत्ता ने बिजली क्षेत्र में बिजली संशोधन बिल सहित ताजा घटनाक्रम की रिपोर्ट प्रस्तुत की। यह जानकारी देते हुए इलेक्ट्रिसिटी एम्पलाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुभाष लांबा ने बताया कि फेडरेशन का मानना है कि बिजली क्षेत्र में लागू की जा रही नीतियाँ न केवल कर्मचारियों और ठेका श्रमिकों के हितों को प्रभावित करेंगी, बल्कि देश के करोड़ों उपभोक्ताओं और किसानों पर भी गंभीर प्रभाव डालेंगी। इसलिए इन मुद्दों को केवल कर्मचारी हित का प्रश्न न मानकर जनहित का विषय समझना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि फेडरेशन ने निर्णय लिया है कि देशभर में अपने सदस्यों, बिजली कर्मचारियों और आम उपभोक्ताओं के बीच व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा ताकि उपभोक्ताओं विशेषकर किसानों को इन नीतियों के दूरगामी प्रभावों से अवगत कराया जा सके।

लांबा ने बताया कि राज्य स्तर पर कर्मचारियों की समस्याओं, श्रम संहिताओं, ठेका कर्मचारियों की नियमितिकरण, एग्रीकल्चर डिस्कॉम व स्मार्ट मीटरिंग पर लोक,वेतन पुनरीक्षण तथा पुरानी पेंशन योजना (OPS) जैसे मुद्दों को केंद्र में रखकर जुलाई माह में दो सप्ताह का विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिसका समापन अगस्त 2026 में राज्य बिजली विभागों के मुख्यालयों के समक्ष विशाल धरना-प्रदर्शन के रूप में होगा। इन कार्यक्रमों में कर्मचारियों के परिवार, छात्र, युवा, महिलाएँ तथा किसान संगठनों की भी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुभाष लांबा ने बताया कि फेडरेशन ने ठेका कर्मचारियों की समस्याओं को प्राथमिकता देने का निर्णय लेते हुए 31 अगस्त 2026 तक राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित करने का भी आह्वान किया है। इन सम्मेलनों के माध्यम से आगे की संघर्ष रणनीति तैयार की जाएगी और आवश्यक होने पर अक्टूबर / नवंबर 2026 में बिजली क्षेत्र के ठेका कर्मचारियों की एक दिवसीय राष्ट्रीय हड़ताल आयोजित की जाएगी।

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुरेश राठी ने बताया कि फेडरेशन ने स्पष्ट किया है कि यदि राज्य सरकारें अथवा प्रबंधन श्रम संहिताओं के कर्मचारी-विरोधी प्रावधानों को लागू करने का प्रयास करते हैं, तो उसका व्यापक और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा। कर्मचारियों के वर्षों के संघर्ष से प्राप्त अधिकारों को किसी भी स्थिति में कमजोर नहीं होने दिया जाएगा।

⚡ SHARE THIS POST
  • Related Posts

    ईद-ए-मिलादुन्नबी पर गूंजा अमन का पैगाम, सपा नेताओं ने जुलूस-ए-मोहम्मदी का किया स्वागत

    पांचवा आयाम (जसबीर/सच कीरत सिंह) अयोध्या:पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिवस ईद-ए-मिलादुन्नबी के अवसर पर फैजाबाद शहर में निकले जुलूस-ए-मोहम्मदी का समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया।…

    महाराजा देवी बक्श सिंह की प्रतिमा का हुआ भव्य अनावरण

    पांचवा आयाम (हनुमान शरण पांडे):गोण्डा – अमर बलिदानी गोण्डा नरेश महाराजा देवी बक्श सिंह जी के शौर्य, त्याग एवं राष्ट्रभक्ति की स्मृतियों को अक्षुण्ण बनाए रखने की दिशा में आज…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *