हरियाणा (राज कुमार ):डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रीशन डाइटिशियन एवं चाइल्ड केयर मास्टर्स डिग्री इन फूड न्यूट्रिशन एंड डाइटिशियन होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेंड योगा टीचर नॉमिनेटेड फॉर पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार और पंजाब सरकार द्वारा सम्मानित और हिमाचल सरकार द्वारा सम्मानित और लेफ्टिनेंट गवर्नर लद्दाख श्री कविंदर गुप्ता जी द्वारा सम्मानित ने बताया कि बैंगन में एल्कलॉइड विषैले रसायन होते हैं जिन्हें सब्जी कीटों से बचाव के लिए विकसित करती है। मानसून के मौसम में कीटों का प्रकोप सबसे अधिक होता है। इससे बैंगन का सेवन जोखिम भरा हो जाता हैबारिश के मौसम में बैंगन खाना पूरी तरह मना नहीं है, लेकिन इसे खरीदते और पकाते समय थोड़ी सावधानी जरूर बरतें।बरसात के मौसम में बैंगन खाने से परहेज करने की सलाह दी जाती है क्योंकि इस दौरान बैंगन में कीड़े लगने की संभावना सबसे अधिक होती है। साथ ही, यह पाचन तंत्र को धीमा कर सकता है, जिससे गैस, एसिडिटी और पेट के संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।बरसात में बैंगन को लेकर बरती जाने वाली सावधानियां:कीड़े का खतरा: नमी के कारण बैंगन के अंदर कीड़े पनपने का जोखिम काफी बढ़ जाता है जो कई बार बाहर से दिखाई नहीं देते।गैस और अपच: बारिश में बैंगन खाने से पेट फूलना (ब्लोटिंग), एसिडिटी और आंतों में सूजन हो सकती है।कीटनाशक और फंगस: इस मौसम में इसमें फंगस या हानिकारक बैक्टीरिया जल्दी पनपते हैं।बारिश के मौसम में वातावरण में नमी अधिक होती है, जिससे सब्जियों पर बैक्टीरिया, फंगस और अन्य सूक्ष्मजीव तेजी से पनप सकते हैं। अगर बैंगन ठीक तरह से साफ नहीं किया गया हो या लंबे समय तक गीली जगह पर रखा गया हो, तो उसे खाने से पेट संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) भी खाद्य जनित बीमारियों से बचने के लिए फल और सब्जियों को अच्छी तरह धोने और भोजन को सही तापमान पर पकाने की सलाह देता है।हमेशा ताजा और बिना दाग-धब्बों वाला बैंगन खरीदें।बहते पानी में अच्छी तरह धोकर ही काटें।कटे हुए बैंगन को लंबे समय तक खुला न छोड़ें।अच्छी तरह पकाकर ही खाएं, क्योंकि पर्याप्त तापमान पर पकाने से कई हानिकारक सूक्ष्मजीव नष्ट हो जाते हैं।फ्रिज में साफ और सूखी जगह पर स्टोर करें।हमेशा ताजे और चमकदार बैंगन ही खरीदेंबैंगन को अच्छी तरह धोकर, नमक में भिगोकर पकाएं ताकि कीटनाशक या बैक्टीरिया निकल जाएं






