पंचकूला(दिव्या राणा): विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने रायपुररानी के गाव नारयाणपुर में 77वें जिला स्तरीय वन महोत्सव समारोह में कहा कि पौधारोपण एक कार्यक्रम नहीं बल्कि प्रकृति को सम्मान देने, उसे सहेजने-संवारने और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित तथा संतुलित पर्यावरण देने का संकल्प है। पर्यावरण संरक्षण अकेले सरकार से नही बल्कि जन भागीदारी से ही संभव हो सकता है।पंवार ने गांव नारायणपुर में ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि हमारा प्रदेश स्वच्छ, हरित और पर्यावरण के प्रति जागरूक होगा, तभी विकसित हरियाणा और विकसित भारत का सपना साकार होगा। पर्यावरण हमारे जीवन का मूल आधार है। जिस प्रकार मां हमें जीवन देती है, उसी प्रकार प्रकृति हमें शुद्ध वायु, जल और जीवन प्रदान करती है। पेड़-पौधे हमें छाया, फल, लकड़ी और सबसे महत्वपूर्ण ऑक्सीजन देते हैं। लेकिन दुर्भाग्यवश शहरीकरण, औद्योगीकरण और हमारी बदलती जीवनशैली ने प्रकृति को संकट में डाल दिया है।उन्होंने कहा कि आज ग्लोबल वार्मिंग, जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण प्रदूषण जैसी चुनौतियाँ पूरी दुनिया के सामने हैं। पिछले कुछ वर्षों में पूरी दुनिया ने यह अनुभव किया कि स्वच्छ पर्यावरण और ऑक्सीजन का महत्व कितना बड़ा है। तभी यह एहसास हुआ कि केवल बातें करने से नहीं, बल्कि धरातल पर ठोस प्रयास करने से बदलाव आएगा। पौधारोपण ऐसा ही एक सरल लेकिन अत्यंत प्रभावी माध्यम है, जिससे हम प्रकृति की रक्षा के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों का भविष्य भी सुरक्षित कर सकते हैं।पंवार ने कहा कि इसी सोच को जन-आंदोलन का स्वरूप देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ’एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान का आह्वान किया। यह अभियान केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि अपनी माँ, मातृभूमि और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का संदेश देता है। प्रधानमंत्री का यह संदेश हम सभी के लिए प्रेरणादायक है कि प्रकृति की सेवा ही भविष्य की सबसे बड़ी सुरक्षा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार भी इसी प्रेरणा के साथ प्रदेश को हराभरा बनाने तथा पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।उन्होंने बताया कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह हम सभी का सामाजिक और नैतिक दायित्व है। यदि आज हम एक-एक पौधा लगाएंगे और उसकी देखभाल करेंगे, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण का अमूल्य उपहार दे सकेंगे। इसी संकल्प के साथ हरियाणा सरकार ने वर्ष 2026-27 में प्रदेशभर में 1 करोड़ 40 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इससे पहले वर्ष 2025-26 के दौरान प्रदेश में 1 करोड़ 52 लाख पौधों का सफलतापूर्वक रोपण किया गया। यह केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि हरियाणा के हर नागरिक की पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है। इसी लक्ष्य को जनभागीदारी के माध्यम से और अधिक व्यापक बनाने के उद्देश्य से आज वन महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण बढ़ाने तथा जनभागीदारी को जन-आंदोलन का स्वरूप देना है। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि हम सभी इस अभियान को सफल बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और ’एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान को नई ऊर्जा प्रदान करेगे। सरकार केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के लिए आधुनिक तकनीकों को भी अपनाया जा रहा है। इसी दिशा में प्रदेश में 44 हेक्टेयर क्षेत्र में मियावाकी पद्धति से सघन वन विकसित किए जा रहे हैं। इससे कम भूमि पर अधिक हरियाली विकसित होगी, जैव विविधता बढ़ेगी, प्रदूषण कम होगा तथा शहरी क्षेत्रों को बढ़ती गर्मी से राहत मिलेगी।
उन्होंने कहा कि प्रकृति केवल जीवन ही नहीं देती, बल्कि स्वास्थ्य भी देती है। इसी सोच के साथ प्रदेश में 58 हर्बल पार्क स्थापित किए गए हैं, जहाँ औषधीय पौधों का संरक्षण और संवर्धन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद ने हमें सिखाया है कि जिन पौधों को हम सामान्य समझकर अनदेखा कर देते हैं, वही अनेक गंभीर बीमारियों की औषधि बनते हैं। इसलिए जैव विविधता का संरक्षण मानव स्वास्थ्य की सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है। हरियाणा सरकार ने प्रदेश में 75 नैनो पार्क स्थापित किए हैं तथा प्रत्येक जिला मुख्यालय पर ऑक्सी-वन विकसित करने की योजना पर कार्य किया जा रहा है।विकास एवं पंचायत मंत्री ने कहा कि करनाल में ऑक्सी-वन स्थापित हो चुका है, जबकि पंचकूला में इसका कार्य प्रगति पर है। इसी प्रकार सोनीपत के मुरथल तथा यमुनानगर के सहोरा में नगर वनों का विकास किया गया है। प्राकृतिक ऑक्सीजन बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण को जन-जन से जोड़ने के उद्देश्य से प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर पौधारोपण अभियान चलाया जा रहा है। हरियाली बढ़ाने के इस अभियान में 610 वन मित्र सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। ये केवल सरकारी योजना के सहभागी नहीं, बल्कि धरती माता के सच्चे प्रहरी हैं। प्रदेश के सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान और भिंडावास वन्यजीव अभयारण्य को रामसर साइट के रूप में अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलना हरियाणा के लिए गर्व का विषय है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ प्रकृति आधारित पर्यटन को भी नई पहचान मिली है। हमें विश्वास है कि आने वाले समय में हरियाणा प्रकृति एवं इको-टूरिज्म के क्षेत्र में भी नई ऊँचाइयों को प्राप्त करेगा।उन्होंने कहा कि सरकार ने पुराने और पर्यावरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण वृक्षों के संरक्षण के लिए ’प्राण वायु देवता योजना’ भी लागू की है। इसके अंतर्गत हजारों प्राचीन वृक्षों के संरक्षण के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। जिस प्रकार हम अपने परिवार के बुजुर्गों का सम्मान करते हैं, उसी प्रकार हमें वर्षों से हमें छाया, ऑक्सीजन और जीवन देने वाले वृक्षों का भी सम्मान और संरक्षण करना चाहिए। पर्यावरण संरक्षण केवल आज की आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की सबसे बड़ी गारंटी है। हरित वातावरण से ही स्वस्थ समाज, समृद्ध प्रदेश और विकसित राष्ट्र का निर्माण संभव है। वन महोत्सव के इस अवसर पर हम सभी यह संकल्प लें कि हम केवल पौधे नहीं लगाएंगे, बल्कि उन्हें वृक्ष बनने तक उनकी देखभाल भी करेंगे। यदि हर व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक पौधे को वृक्ष बनाने का संकल्प ले ले, तो हरियाणा ही नहीं, पूरा भारत हराभरा बन भी सकता है। उन्होनंे लोगों से आह्वान किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ’एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान को जन-जन का अभियान बनाते हुए तथा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के हरित हरियाणा के संकल्प को साकार करने में अपना योगदान देंगे। यही प्रकृति के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धा होगी और आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी भी है।जिला स्तरीय वन महोत्सव के अवसर पर अकाल अकादमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल डाकरा, जीपीएस स्कूल नायाणपुर, केवीएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल रायपुररानी, राजकीय माॅडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल रायपुररानी के बच्चों ने एक पेड़ मां के नाम मुहिम के तहत एक हजार पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। कार्यक्रम के दौरान अकाल अकादमी डाकरा को अपनी निजी पांच एकड भूमि बच्चों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए दान स्वरूप देने के लिए बाबा मोला सिंह की विकास एवं पंचायत मंत्री ने प्रशंसा की व उनको सम्मानित किया।विकास एवं पंचायत मंत्री पंवार ने ग्रामीणों की मांगों को मुख्यमत्री से बात करके पूरा करने का आश्वान दिया। इसके अलावा सामुदायिक केंद्र के लिए सरकार के नियमानुसार यदि पंचायत जमीन दे तो 65 लाख रुपये की सहायता देने की बात कही।कालका की विधायक शक्ति रानी शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि आओ हम सभी मिलकर पर्यावरण संरक्षण को जन जन का अभियान बनाए और जिले में ज्यादा से ज्यादा पौधारोपण करने के साथ साथ उसका संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दें। उन्होंने कहा कि पानी बचाना, अपने आस पास के पर्यावरण को स्वच्छ रखना भी हम सबकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी है। स्वच्छता हम अपने घर से शुरू करें तभी हमारे आस पास का वातावरण स्वच्छ रहेगा और हम प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान को सफल बना सकेंगे। उन्होनंे आगे कहा कि हरियाणा के मुख्यमत्री श्री नायब सिंह सैनी भी पर्यावरण संरक्षण की दिशा में लगातार कार्य कर रहे हैं इस दिशा में आक्सीवन, हर्बल पार्क पर कार्य किया जा रहा है और कई जिला में यह कार्य पूरा भी हो चुका है। पंचकूला में हर्बल पार्क व आक्सीवन पर कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार आधुनिक तकनीक से वनों को विकसित करने और बचाव की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हरियाणा सरकार भी इसी प्रेरणा के साथ प्रदेश को हराभरा बनाने तथा पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।उन्होंने कहा कि पौधारोपण करने के साथ साथ उनका संरक्षण भी जरूरी है। इस दिशा में हरियाणा सरकार 75 वर्ष से अधिक आयु के बडे पेडों को बचाने के लिए पेंशन दी जाती है। पर्यावरण सरंक्षण के लिए स्वयं सेवी संस्थाओं, महिलाएं और अन्य सामाजिक संगठन मिलकर प्रधानमंत्री के विकसित भारत सपने को साकार करने में सहयोग कर रहे है।इससे पूर्व जिला स्तरीय वन महोत्सव के अवसर पर विकास एवं पंचायत मंत्री ने गांव नारायणपुर में पौधारोपण किया। इसके साथ ही विधायक कालका शक्ति रानी शर्मा, उपायुक्त पंचकूला सतपाल शर्मा, मेयर श्यामलाल बंसल, जिला प्रधान बीजेपी अजय मित्तल, नगर परिषद के चेयरमैन कृष्णलाल लांबा, घुमंतू जाति के चेयरमैन जसमेर बंजारा ने भी पौधारोपण किया।इस अवसर पर वन मंडल अधिकारी विशाल कौशिक, अतिरिक्त वन मंडल अधिकारी अनीता, मंडलाध्यक्ष रायपुररानी रोहित सैनी, बीटीसी चेयरमैन सतबीर राणा, नारायणपुर के सरपंच परमजीत, तरसेन शर्मा, सुगम शर्मा के अलावा बदौर, मीरपुर, रत्ताटिब्बी, गोविंदपुर, मंडपा, तरकांवाला, साहपुर सहित कई गांवों के सरंपच व बीजेपी के नेता व अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे







