पंचकूला, ( दिव्या राणा ): टीबी (क्षय रोग) को जड़ से समाप्त करने के उद्देश्य से जिला स्वास्थ्य विभाग, पंचकूला द्वारा 100 दिवसीय विशेष अभियान का दूसरा चरण 24 मार्च 2026 से संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार को आरोग्य मंदिर हंगोला के अंतर्गत आने वाले गांव हांगोली में निक्षय शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर के दौरान कुल 290 संवेदनशील (वल्नरेबल) व्यक्तियों की पहचान की गई। इनमें से 45 लोगों के बलगम के नमूने जांच के लिए लिए गए, जबकि टीबी के लक्षण वाले 42 संभावित मरीजों के एक्स-रे भी किए गए।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रायपुर रानी के एसएमओ डॉ. संजीव गोयल ने बताया कि टीबी निक्षय शिविर अभियान के तहत ऐसे वंचित और संवेदनशील लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है, जो किसी कारणवश सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों तक नहीं पहुंच पाते।
डॉ. संजीव गोयल ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, लगातार बुखार, सीने में दर्द, बलगम में खून आना या वजन कम होने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो यह टीबी के संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तुरंत जांच करवानी चाहिए। उन्होंने कहा कि टीबी की पुष्टि होने पर मरीज का उपचार तुरंत शुरू कर दिया जाता है। सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में टीबी की जांच और उपचार की सुविधा निशुल्क उपलब्ध है। साथ ही, उपचार के दौरान मरीजों को छह माह तक पोषण सहायता के लिए सरकार की ओर से प्रति माह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाती है।
इस दौरान स्टेट टीबी सेल, पंचकूला से डॉ. सुखवंत, डब्ल्यूएचओ कंसल्टेंट, ने निक्षय शिविर का दौरा कर वहां की कार्यप्रणाली का निरीक्षण किया।
शिविर में टीबी सुपरवाइजर शमीम, आशा कार्यकर्ता तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भी उपस्थित रहीं।









