डॉ अर्चिता महाजन न्यूट्रीशन डाइटिशियन एवं चाइल्ड केयर मास्टर्स डिग्री इन फूड न्यूट्रिशन एंड डाइटिशियन होम्योपैथिक फार्मासिस्ट एवं ट्रेंड योगा टीचर नॉमिनेटेड फॉर पद्म भूषण राष्ट्रीय पुरस्कार और पंजाब सरकार द्वारा सम्मानित और हिमाचल सरकार द्वारा सम्मानित और लेफ्टिनेंट गवर्नर लद्दाख कविंदर गुप्ता जी द्वारा सम्मानित ने बताया कि सीमित मात्रा में यदि टमाटर खा जाए तो यह किडनी स्टोन नहीं करते।100 ग्राम टमाटर में लगभग 5 मिलीग्राम ऑक्सालेट होता है, जो काफी कम मात्रा है। इतनी मात्रा आमतौर पर स्वस्थ लोगों में किडनी स्टोन बनने का कारण नहीं बनती।यही वजह है कि डॉक्टर भी आम लोगों को टमाटर छोड़ने की सलाह नहीं देते। जिन लोगों को पहले से ऑक्सालेट स्टोन की समस्या रही हो, उन्हें भी अक्सर टमाटर पूरी तरह बंद करने के बजाय केवल सीमित मात्रा में खाने की सलाह दी जाती है।दरअसल, टमाटर के गूदे की तुलना में बीजों में कैल्शियम और ऑक्सालेट की मात्रा थोड़ी ज्यादा होती है। यही वजह है कि लोग अक्सर मान लेते हैं कि बीज ही किडनी स्टोन की असली वजह हैं।लेकिन वास्तविकता यह है कि बीजों में मौजूद ऑक्सलेट की मात्रा भी इतनी अधिक नहीं होती कि ज्यादातर स्वस्थ लोगों में पथरी बनने लगे।अगर आपको पहले कभी कैल्शियम ऑक्सालेट स्टोन हो चुका है, तो एहतियात के तौर पर सलाद में कच्चे टमाटर खाते समय उसके बीज निकाल सकते हैं। वहीं, जब टमाटर को सब्जी, करी, सॉस या ग्रेवी में पकाकर खाया जाता है, तो बीजों का प्रभाव और भी कम हो जाता है।टमाटर में सिट्रेट (Citrate) होता है, जो कैल्शियम को आपस में जुड़ने और पथरी बनने से रोकता है。 वास्तव में, इसे संतुलित मात्रा में खाने से पथरी होने का खतरा कम हो सकता है。ध्यान रखने योग्य बातें:बीज और ऑक्सलेट: टमाटर में ऑक्सलेट (Oxalate) की मात्रा बहुत ही कम (लगभग 2-3 मिलीग्राम) होती है, इसलिए इसके सेवन से पथरी नहीं बनती。पथरी में परहेज: अगर आपको पहले से पथरी की समस्या है, तो डॉक्टर अक्सर टमाटर के बीज निकालने की सलाह देते हैं。इन चीज़ों से बचें: पालक, चुकंदर (बीटरूट), नट्स और ज्यादा नमक वाली चीज़ों में ऑक्सलेट बहुत ज्यादा होता है, जो पथरी का कारण बन सकते हैं。









