मैदान पर नाटकीय अंदाज में हुआ विकेट का पतन Angkrish Raghuvanshi Out होने का तरीका इतना विवादास्पद रहा कि लखनऊ के इकाना स्टेडियम में मौजूद दर्शक और खिलाड़ी दंग रह गए। आईपीएल 2026 के एक महत्वपूर्ण मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स के युवा बल्लेबाज अंगकृष रघुवंशी को ‘Obstructing the Field’ (मैदान में बाधा डालना) के चलते पवेलियन लौटना पड़ा। यह घटना उस वक्त घटी जब प्रिंस यादव की गेंद पर शॉट खेलकर वह रन के लिए दौड़े, लेकिन साथी खिलाड़ी के मना करने पर वापस लौटते समय गेंद और थ्रो के बीच में आ गए।
तीसरे अंपायर के फैसले से केकेआर खेमा हतप्रभ Angkrish Raghuvanshi Out के फैसले ने कोलकाता नाइट राइडर्स के डगआउट में खलबली मचा दी। लखनऊ सुपर जायंट्स के कप्तान की अपील पर तीसरे अंपायर ने रिप्ले देखने के बाद पाया कि रघुवंशी थ्रो के दौरान गेंद की ओर देख रहे थे और जानबूझकर दिशा बदली थी। क्रिकेट के कड़े नियमों के अनुसार, यदि कोई बल्लेबाज थ्रो के बीच में जानबूझकर आता है, तो उसे आउट करार दिया जाता है। इस फैसले के बाद अंगकृष काफी गुस्से में दिखे और कोच शेन वॉटसन ने भी इस पर नाराजगी जताई।
आईपीएल इतिहास में बने ऐसे चौथे बदनसीब बल्लेबाज Angkrish Raghuvanshi Out होकर आईपीएल की उस चुनिंदा लिस्ट में शामिल हो गए हैं जहां कोई भी बल्लेबाज नहीं पहुंचना चाहता। वह आईपीएल इतिहास में ‘Obstructing the Field’ आउट होने वाले महज चौथे खिलाड़ी बने हैं। उनसे पहले साल 2013 में यूसुफ पठान, 2019 में अमित मिश्रा और 2024 में रवींद्र जडेजा को इसी विवादास्पद नियम के तहत आउट दिया जा चुका है। रघुवंशी की इस पारी का अंत न केवल केकेआर के लिए झटका था, बल्कि खेल भावना पर भी नई बहस छेड़ गया।
क्या जानबूझकर बीच में आए थे अंगकृष रघुवंशी Angkrish Raghuvanshi Out होने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या वह वाकई गेंद की राह रोक रहे थे? विशेषज्ञों का मानना है कि नियम काफी सख्त हैं और यदि बल्लेबाज वापस लौटते समय गेंद की गति को देख रहा है और उसकी लाइन में आता है, तो अंपायर के पास आउट देने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता। कोलकाता के सहायक कोच और सहयोगी स्टाफ ने अंपायर के इस नजरिए का विरोध किया, लेकिन नियम के मुताबिक फैसला लखनऊ के पक्ष में रहा।


