Pakistan Civil Service Exam के नतीजों ने इस बार पूरी दुनिया को चौंका दिया है, जहां अभावों के बीच पले-बढ़े दो हिंदू युवाओं ने अपनी मेधा का लोहा मनवाया। पाकिस्तान की सबसे कठिन परीक्षा माने जाने वाली सीएसएस में डॉ. वीरभान और डॉ. विजय कुमार ने मेरिट लिस्ट में जगह बनाकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
गहने बेचकर पूरा किया पढ़ाई का सपना सिंध प्रांत के थारपारकर जिले के रहने वाले इन युवाओं की कहानी रोंगटे खड़े कर देने वाली है। डॉ. वीरभान के पिता एक छोटी सी दुकान चलाते थे और पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए परिवार को अपनी जमापूंजी और मां के गहने तक बेचने पड़े ताकि बेटा इस कठिन परीक्षा की तैयारी कर सके।
मेहनत और लगन से मिली ऐतिहासिक सफलता Pakistan Civil Service Exam में सफलता पाना कभी भी आसान नहीं था, लेकिन डॉ. विजय कुमार ने अपनी मेहनत से इसे सच कर दिखाया। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव से पूरी की और तमाम सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों का सामना करते हुए इस मुकाम को हासिल किया जो लाखों के लिए प्रेरणा है।
मेरिट पर चयन ने जीता सबका दिल इस बार की चयन प्रक्रिया में खास बात यह रही कि इन युवाओं ने किसी कोटे के बजाय जनरल मेरिट पर अपनी जगह पक्की की है। Pakistan Civil Service Exam के इतिहास में यह एक दुर्लभ और गर्व करने वाला क्षण है जब अल्पसंख्यक समुदाय के युवाओं ने अपनी काबिलियत के दम पर शीर्ष प्रशासनिक सेवा में प्रवेश किया है।
संघर्ष से सफलता तक का सफर सोशल मीडिया पर इन दोनों युवाओं की तस्वीरें और उनके माता-पिता के संघर्ष की कहानियां तेजी से वायरल हो रही हैं। Pakistan Civil Service Exam पास करने के बाद डॉ. वीरभान और डॉ. विजय अब अपने देश की सेवा के लिए तैयार हैं, जिससे उनके पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल बना हुआ है।


