Shiv Sena UBT Crisis: उद्धव ठाकरे गुट में मची भारी खलबली, 6 सांसदों ने बगावत कर खोला कांग्रेस विलय योजना का बड़ा राज Trending Maharashtra Politics

सियासी गलियारों में अचानक उठा एक ऐसा तूफान

Shiv Sena UBT Crisis के इस बेहद चौंकाने वाले मोड़ ने महाराष्ट्र से लेकर दिल्ली तक के राजनीतिक मंच पर एक गहरा सस्पेंस पैदा कर दिया है। महा विकास अघाड़ी सरकार गिरने के ठीक चार साल बाद उद्धव ठाकरे की पार्टी एक बार फिर इतिहास दोहराने की कगार पर खड़ी दिखाई दे रही है। गुरुवार को दिल्ली में बुलाई गई संसदीय दल की बेहद महत्वपूर्ण बैठक से अचानक पार्टी के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 गायब हो गए, जिसने इस बगावत की छिपी हुई कहानी को पूरी तरह से जनता के सामने लाकर खड़ा कर दिया है।

पर्दे के पीछे रची गई बगावत की वह खुफिया स्क्रिप्ट

लापता हुए इन 6 असंतुष्ट सांसदों ने गुपचुप तरीके से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की और सदन के भीतर अपनी बैठने की व्यवस्था को बदलने की आधिकारिक मांग कर डाली। बैठक में केवल अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे ही शामिल हुए, जिससे इस अंदरूनी फूट की पुष्टि हो गई। इन बागी नेताओं ने दावा किया कि उद्धव ठाकरे गुट अब बाल ठाकरे की मूल विचारधारा को पूरी तरह छोड़ चुका है और कांग्रेस के साथ पूरी पार्टी का गुप्त रूप से विलय करने की तैयारी कर रहा है, जो उनके अलग होने की सबसे बड़ी और मुख्य वजह बन गया है।

नेतृत्व से गहरी नाराजगी और उपेक्षा की दर्दनाक दास्तान

अंदरूनी सूत्रों की मानें तो यह नाराजगी कई महीनों से सुलग रही थी, जिसमें सांसदों ने शीर्ष नेतृत्व की पहुंच से बाहर होने का आरोप लगाया। चुनावों के दौरान सांगठनिक मदद न मिलना और आदित्य ठाकरे से मुलाकात करने में आने वाली भारी मुश्किलें इस असंतोष की बड़ी वजह बनीं। सांसदों ने कहा कि निर्वाचन क्षेत्रों में आने के बार-बार किए गए अनुरोधों को शीर्ष स्तर पर लगातार नजरअंदाज किया जा रहा था, जिसके चलते उन्होंने एकनाथ शिंदे गुट के 7 सांसदों के साथ संसद में बैठने की इच्छा जताई है।

प्राइवेट जेट, बंद फोन और नोएडा के होटल का सीक्रेट ठिकाना

इस पूरे राजनीतिक ऑपरेशन को बेहद सुनियोजित और सीक्रेट तरीके से अंजाम दिया गया। नागेश आष्टीकर, ओमराजे निंबालकर, संजय देशमुख, संजय जाधव, भाऊसाहेब वाकचौरे और संजय दीना पाटिल जैसे दिग्गज सांसदों ने अचानक अपने मोबाइल फोन बंद कर दिए और अलग-अलग समय पर प्राइवेट जेट की मदद से दिल्ली पहुंचे। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे के साथ इन सभी को पहले नोएडा के एक आलीशान होटल में ठहराया गया, जहां से वे सीधे मुख्य रणनीतिक बैठकों का हिस्सा बने और फिर अचानक अयोध्या, वाराणसी और तिरुपति जैसे धार्मिक स्थलों के लिए रवाना हो गए।

संजय राउत का तीखा पलटवार और करोड़ों के लेनदेन का सनसनीखेज दावा

इस अप्रत्याशित झटके से बौखलाए ठाकरे गुट के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने दिल्ली में एक आक्रामक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बागी सांसदों को खुलेआम ‘गद्दार’ घोषित कर दिया। राउत ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए दावा किया कि इन बागियों को पहले दिए गए 15 करोड़ रुपये के अलावा 10-10 करोड़ रुपये की और अतिरिक्त राशि दी गई है, और फिलहाल उन्हें राजस्थान के किसी गुप्त सुरक्षित ठिकाने पर छिपाकर रखा गया है। उन्होंने इन नेताओं को तुरंत इस्तीफा देकर दोबारा जनता के बीच चुनाव लड़ने की सीधी चुनौती भी दे डाली है।

⚡ SHARE THIS POST

Related Posts

33% महिला आरक्षण विधेयक को लेकर जिला सचिव से मिला महिला समिति प्रतिनिधिमंडल

सन्नी कथूरिया। पानीपत (सन्नी कथूरिया):…..।बुधवार को अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति का प्रतिनिधिमंडल 33% महिला आरक्षण विधेयक को मानसून सत्र में लागू करवाने की मांग को लेकर कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)…

राम सेवादार ट्रस्ट ने लगाए दो विशाल भंडारे

पंचकूला(राजकुमार)अपनी निस्वार्थ सेवाओं से जन जन के मन में अपना स्थान बना चुके राम सेवादार ट्रस्ट ने मंगलवार की संध्या दो विशाल भंडारे लगाए।पहला भंडाराकमलेश देवी एवं प्रसिद्ध समाजसेवी सत्य…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *